अमरपुरा–गोगेलाव रिंग रोड निर्माण विवादों में आ गया है। प्रभावित किसानों ने मुआवजे और सड़क के डिजाइन पर सवाल उठाए हैं। किसानों ने सोमवार को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन देकर बाजार भाव के अनुसार जमीन का मुआवजा देने, सड़क की ऊंचाई कम रखने और नेशनल हाईवे जंक्शन पर प्रस्तावित सर्कल का आकार घटाने सहित 5 प्रमुख मांगें रखी हैं। किसान नेता अर्जुनराम लोमरोड़ का कहना है कि वे विकास कार्य के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इसके नाम पर उनकी बेशकीमती कृषि भूमि का जरूरत से ज्यादा अधिग्रहण नहीं होना चाहिए। किसानों के अनुसार, उन्हें मिले मुआवजा नोटिसों में निर्धारित राशि मौजूदा बाजार भाव की तुलना में काफी कम है। रिंग रोड और नेशनल हाईवे के आसपास की जमीन का बाजार मूल्य अधिक है। ऐसे में आसपास हुए जमीन के विक्रय, प्रचलित दर और जमीन की वास्तविक स्थिति के आधार पर मुआवजे का पुनर्मूल्यांकन किया जाए। जल निकासी और खेतों के रास्ते प्रभावित होने की आशंका किसानों ने रिंग रोड की प्रस्तावित ऊंचाई की तकनीकी समीक्षा की मांग भी की है। उनका कहना है कि सड़क ज्यादा ऊंची होने से बारिश के पानी की निकासी, सिंचाई और खेतों तक आने-जाने में परेशानी हो सकती है। नागौर शहर की अन्य दिशाओं में बनी सड़कों के स्तर का अध्ययन कर जहां संभव हो, रिंग रोड को जमीन के स्तर के नजदीक रखा जाए। बड़े सर्कल से ज्यादा जमीन अधिग्रहण का दावा किसानों ने नेशनल हाईवे से रिंग रोड के जंक्शन पर प्रस्तावित सर्कल के आकार पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि बड़ा सर्कल बनने से आसपास की कीमती कृषि भूमि ज्यादा अधिग्रहित होगी। शहर की अन्य सड़कों पर बने सर्कलों का तकनीकी अध्ययन कर यातायात सुरक्षा के मानकों के अनुरूप यहां भी सर्कल का आकार न्यूनतम रखा जाए। किसानों ने प्रशासन, निर्माण विभाग और किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में संयुक्त सर्वे कराने की मांग की। इसमें अधिग्रहण सीमा, सड़क की ऊंचाई-चौड़ाई, सर्कल, खेतों के रास्ते, पुलिया और जल निकासी की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। साथ ही मुआवजा नोटिसों पर किसानों की आपत्तियां सुनकर कम निर्धारित राशि की पुनर्गणना करने की मांग की गई।