नागौर के बासनी कस्बे में आवारा कुत्तों के हमले में घायल 22 साल के युवक की इलाज के दौरान रेबीज से मौत हो गई। करीब 20 दिन पहले कुत्तों ने उस पर हमला किया था। जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद कस्बे में आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुछ दिन पहले एक बच्ची पर भी कुत्तों ने हमला किया था। नगर पालिका अब डॉग शेल्टर के लिए जमीन चिन्हित कर रही है और फिलहाल कुत्तों को पकड़कर आबादी से दूर छोड़ रही है। रेबीज संक्रमण से हुई मौत परिजनों के अनुसार, मोहम्मद क्यूम पर करीब 20 दिन पहले कुत्तों ने हमला किया था। हमले में वह घायल हो गया था। घाव ज्यादा गहरा नहीं होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद वह मुंबई चला गया। वहां तबीयत बिगड़ने पर उसे जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक, इलाज के दौरान करीब तीन दिन पहले उसकी मौत हो गई। बताया गया कि उसकी मौत रेबीज संक्रमण के कारण हुई। बाजार और गलियों में घूमते हैं आवारा कुत्तों के झुंड बासनी कस्बे में आवारा कुत्तों के झुंड बाजारों, गलियों और आबादी वाले क्षेत्रों में घूमते रहते हैं। लोगों का कहना है कि इनसे सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों और बुजुर्गों को है। कुछ दिन पहले एक बच्ची पर भी कुत्तों ने हमला कर दिया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद लोगों ने नगर पालिका से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। डॉग शेल्टर के साथ कांजी हाउस की भी मांग बासनी और कुम्हारी गांव के लोगों ने प्रशासन से डॉग शेल्टर बनाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों को आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। इसके साथ ही बाजारों में बड़ी संख्या में घूम रहे गोवंश को भी कांजी हाउस में पहुंचाने की मांग की गई है। जमीन चिन्हित कर रही नगर पालिका, जल्द शुरू होगा काम बासनी नगरपालिका ईओ नरसिंह राम टाक ने बताया - कुत्तों के हमले से लोगों के घायल होने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इन घटनाओं को देखते हुए डॉग शेल्टर बनाने के लिए जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही जगह निर्धारित कर डॉग शेल्टर बनाने का काम शुरू किया जाएगा। फिलहाल नगर पालिका की टीम आवारा कुत्तों को पकड़कर आबादी से दूर छोड़ने की कार्रवाई कर रही है।