नागौर नगर परिषद के सभी 60 वार्डों में निर्दलीयों ने 23 वार्ड जीतकर सबसे ज्यादा सीटें हासिल की हैं, जबकि भाजपा को 21, कांग्रेस को 15 और RLP को 1 वार्ड में जीत मिली है। निर्दलीय भाजपा से 2 सीट आगे हैं। किसी भी पार्टी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में बोर्ड बनाने में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सबसे अहम रहेगी। नागौर में कांग्रेस ने 60 में से 46 वार्डों में टिकट दिए थे, जबकि भाजपा ने 49 वार्डों में प्रत्याशी उतारे थे। वार्ड 33 में भाजपा के संतोष टाक ने 569 वोट से सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। संतोष टाक भाजपा की ओर से सभापति पद के दावेदार हैं। वार्ड 12 में जीत के साथ RLP ने नगर परिषद में अपना खाता खोला। अंतिम नतीजों में पार्टी को कुल एक वार्ड में जीत मिली है। वार्ड 15 में दो पूर्व सभापति हारीं वार्ड 15 में पूर्व सभापति मीतू बोथरा निर्दलीय और नीतू तोलावत भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ीं। दोनों हार गईं। निर्दलीय नीलम पुरोहित ने जीत दर्ज की। मामा के समर्थन के बावजूद भांजे की जीत वार्ड 10 में पूर्व सभापति कृपाराम सोलंकी के बेटे प्रवीण सोलंकी ने कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की और कांग्रेस का खाता खोला। प्रवीण के मामा व पूर्व सभापति मागीलाल भाटी को कांग्रेस का टिकट नहीं मिला था। नाराज होकर उन्होंने भाजपा प्रत्याशी का समर्थन किया, इसके बावजूद प्रवीण जीत गए। समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी जताई। वार्ड 22 में सास-बहू का मुकाबला वार्ड 22 में कांग्रेस की मुन्नी सोलंकी और उनकी दो बहुएं बेबी सोलंकी व रेखा सोलंकी निर्दलीय प्रत्याशी थीं। तीनों हार गईं। निर्दलीय रेशमा सोलंकी विजयी रहीं। नागौर नगर परिषद के लिए 9 सितंबर को मतदान हुआ था। कुल 84.14% मतदान दर्ज हुआ था। देखिए… किस वार्ड से कौन बना पार्षद नागौर नगर परिषद --- मतदान की ये खबर भी पढ़ें … नागौर में सबसे ज्यादा मूंडवा में 84.58% वोटिंग:फर्जी मतदान के विवाद में दो जगह मारपीट-पथराव, EVM खराब होने से 50 मिनट वोटिंग रुकी नागौर जिले के 5 निकायों के 175 वार्डों में बुधवार को मतदान हुआ। मूंडवा में सबसे ज्यादा 84.58% और बासनी में सबसे कम 66.91% मतदान हुआ। पूरी खबर पढ़िए