कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के मामले में नागौर जिले ने पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। नई दिल्ली में आयोजित हुए राष्ट्रीय कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री की ओर से नागौर जिले को इस शानदार उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने इस सम्मान को नागौर जिले के मेहनतकश किसानों को समर्पित किया है। इस कामयाबी के पीछे जिला प्रशासन और कृषि विभाग का कड़ा परिश्रम रहा है। केंद्रीय नोडल ऑफिसर IAS अधिकारी निखिल गजराज की सतत मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन और जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार की सतत निगरानी व नियमित बैठकों के जरिए आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया। इसी का नतीजा रहा कि जिले में इस योजना का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन संभव हो पाया। जिला कलेक्टर ने कृषि विभाग की पूरी टीम, नोडल अधिकारियों और सभी सहयोगी विभागों के समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान नागौर के हर एक किसान और कर्मठ अधिकारी-कर्मचारी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है। 10 विभागों का भी रहा पूरा सहयोग यह उपलब्धि किसानों के अथक सहयोग, कृषि, उद्यान, पशुपालन, सहकारिता, बैंक, पंचायती राज, और कृषि विज्ञान केंद्र सहित सभी संबंधित विभागों के आपसी समन्वय का परिणाम रहा। जोनल डायरेक्टर (संयुक्त निदेशक कृषि) रविंद्र सिंह रियाड़ और स्कीम इंचार्ज सहायक निदेशक शंकर सियाक के विशेष एवं उल्लेखनीय योगदान ने इस सफलता की राह आसान बनाई। दिल्ली में रहा नागौर का खास प्रतिनिधित्व नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में नागौर जिले की ओर से जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार, संयुक्त निदेशक कृषि रविंद्र सिंह रियाड़, कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. बुद्धा राम चौधरी और प्रगतिशील किसान रामदेव जाट ने भाग लिया। किसानों की आय बढ़ी इस स्कीम के तहत कलेक्टर के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों की ओर से अवकाश के दिनों में भी लगातार काम करते हुए किसानों की इन 11 विभागों से जुड़ी करीब 35 योजनाओं का समय पर लाभ दिलाया गया। जिसका नतीजा ये रहा कि उत्पादन में बढ़ोतरी हुई। साथ ही केमिकल फर्टिलाइजर के इस्तेमाल को कम करते हुए उसके उत्पादन को भी मैंटेन रखने का पूरा प्रयास किया गया।