बूंदी के केशवरायपाटन में मंगलवार को सर्व समाज के आह्वान पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने किसान नेता नरेश मीणा और अंता के पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की रिहाई की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसान नेता नरेश मीणा के खिलाफ झालावाड़ कोतवाली थाने में दर्ज प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। वक्ताओं ने कहा कि उपलब्ध घटनाक्रम और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए। यदि आरोप साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं होते हैं, तो प्रकरण की पुनः समीक्षा कर न्यायोचित कार्रवाई की जाए। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि नरेश मीणा लगातार किसानों और आम जनता के मुद्दों को उठाते रहे हैं। उन्होंने मांग की कि उनके खिलाफ दर्ज प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिया जाए और तत्काल जेल से रिहा किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि रिहाई नहीं हुई तो जनआक्रोश बढ़ेगा और आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। ज्ञापन में पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा की लंबे समय से लंबित दया याचिका पर भी शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने उनके स्वास्थ्य का हवाला देते हुए राज्यपाल से उनकी शेष सजा माफ कर तत्काल रिहा करने का अनुरोध किया। मीडिया प्रभारी राकेश बैंसला ने बताया कि सर्व समाज के इस प्रदर्शन में आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने इसे किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि न्याय, लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की लड़ाई बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को बूंदी जिले से पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी।