राजस्थान के अलवर जिले की खैरथल नगर परिषद के चेयरपर्सन के चुनावों में एक महिला पार्षद ने नारनौल में बदमाशों द्वारा बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया है। जिसकी एक शिकायत पार्षद ने शहर थाना पुलिस को दी है। वहीं पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। बता दें कि खैरथल नगर परिषद चुनाव में 22-22 वोट की बराबरी के बाद पर्ची से भाजपा के विक्रम चौधरी के चेयरमैन चुने गए थे। वहां की निर्दलीय पार्षद जरीना ने आरोप लगाया है कि उन्हें चुनाव में मतदान करने से रोकने के लिए 20 सितंबर की रात नारनौल के पास बदमाशों ने रोककर बंधक बना लिया। कार सवारों पर पीछा करने का आरोप जरीना द्वारा जारी किए गए एक वीडियो के अनुसार, वह 20 सितंबर की रात चंडीगढ़ से इनोवा कार में खैरथल लौट रही थीं। रात करीब 8 बजे नारनौल के पास उन्हें कई बोलेरो गाड़ियां दिखाई दीं। इसके बाद एक सफेद फॉर्च्यूनर ने उनकी कार का पीछा किया। उनका आरोप है कि नारनौल की एक गली में काली स्कॉर्पियो से रास्ता रोकने का प्रयास किया गया। वह बाजार की तरफ निकल गईं, लेकिन कुछ देर बाद कई गाड़ियों ने उनकी कार को घेर लिया। फार्म हाउस में ले जाकर बनाया बंधक जरीना का दावा है कि इस दौरान उनके साथ मौजूद दो लोगों को कार से बाहर खींचकर मारपीट की गई और दूसरी गाड़ी में बैठा लिया गया। इसके बाद उन्हें भी एक फार्म हाउस ले जाया गया, जहां चुनाव और मतदान पूरा होने तक बंधक बनाकर रखने का आरोप है। जरीना ने इसे एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने से रोकने की कोशिश बताया है। खैरथल थाने में शिकायत देने पहुंचीं थीं जरीना ने बताया कि बुधवार को मुंडावर विधायक ललित यादव और सभापति पद के प्रत्याशी ओमप्रकाश रोघा के साथ खैरथल थाने पहुंचीं। कांग्रेस नेताओं ने जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग की। मगर नारनौल क्षेत्र की घटना होने के कारण, उनकी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। नारनौल पुलिस कर रही जांच बाद में जरीना ने नारनौल थाने में आकर अपनी एक शिकायत दी है। वहीं इस बारे में नारनौल थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि खैरथल के पार्षद व अन्य लोग उनसे मिले थे। उन्होंने बताया कि जहां की वे लोकेशन बताएंगे, वहां के मोबाइल डंप व सीसीटीवी फुटेज निकाली जाएगी। अगर मामला सही पाया गया तो दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पर्ची से हुआ था फैसला खैरथल नगर परिषद के सभापति चुनाव में भाजपा के विक्रम चौधरी और कांग्रेस के ओमप्रकाश रोघा को 22-22 वोट मिले थे। बराबरी के बाद पर्ची से फैसला हुआ, जिसमें विक्रम चौधरी का नाम निकला।