राजसमंद की नाथद्वारा नगर पालिका में चुनाव परिणाम के बाद रोचक स्थिति बन गई है। यहां 40 वार्ड हैं। बहुमत के लिए 21 पार्षद की जरूरत है। यहां भाजपा 20 और कांग्रेस 19 वार्ड में जीती। जबकि एक सीट पर निर्दलीय ने जीत हासिल की है। अब बोर्ड बनाने की चाबी निर्दलीय की हाथ में है। वह कांग्रेस को समर्थन करता है तो बोर्ड नहीं बनेगा। जबकि भाजपा को समर्थन देता है तो बोर्ड बन जाएगा। बता दें कि नाथद्वारा में वार्ड 22 में निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश सनाढ्य जीते हैं। नगर पालिका में बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय पार्षद प्रकाश सनाढ्य की भूमिका अहम हो गई है। भाजपा की कोशिश प्रकाश को पाले में लाने की रहेगी। जबकि कांग्रेस को बोर्ड बनाने के लिए 2 पार्षद की जरूरत है। भाजपा कांग्रेस में रही टक्कर चुनाव में अधिकांश वार्डोंं में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला रहा। कई वार्डोंं में जीत-हार का अंतर बेहद कम रहा, तो कुछ वार्डोंं में प्रत्याशियों ने बड़ी बढ़त के साथ जीत दर्ज की। वार्ड 9 में भाजपा की ज्योति कुमावत ने कांग्रेस की दीपिका कुमावत को महज 2 वोट से हराया। वहीं वार्ड 23 में कांग्रेस के अजय गुर्जर ने 487 मतों के अंतर से जीत दर्ज की, जो सबसे बड़ी जीत रही। वार्ड 22 का परिणाम सबसे महत्वपूर्ण रहा, जहां निर्दलीय प्रत्याशी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। अब यही एक सीट बोर्ड गठन के दौरान निर्णायक साबित हो सकती है। अध्यक्ष पद पर भी टिकी नजरें परिणाम के बाद अब भाजपा और कांग्रेस दोनों की निगाहें नगर पालिका अध्यक्ष पद के समीकरण पर हैं। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन अपने दम पर बहुमत से एक सीट दूर है। कांग्रेस भी मजबूत स्थिति में है। ऐसे में निर्दलीय पार्षद किस खेमे का समर्थन करता है, यह आने वाले दिनों में नाथद्वारा नगर पालिका की सत्ता की दिशा तय करेगा। पूर्व स्पीकर सीपी जोशी रहे थे एक्टिव नाथद्वारा क्षेत्र में कांग्रेस के सीपी जोशी बड़ा फेस हैं। वे लगातार एक्टिव रहे। कांग्रेस का प्रदर्शन इस बार बेहतर रहा है। नाथद्वारा में एक पार्षद किंग मेकर बन गया है। सीपी जोशी भी पहले अपना चुनाव 1 वोट से हार चुके हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने वोटिंग के दौरान कहा था- नाथद्वारा की जनता एक अच्छा नगरपालिका प्रशासन चाहती है। पिछले दो साल से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। किसी भी शहर का विकास नगरपालिका के अपने संसाधनों से होता है, लेकिन इसके साथ सरकार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।