भास्कर न्यूज | राजसमंद रक्षाबंधन पर्व नजदीक आते ही बाजारों में रौनक चरम पर पहुंच गई है। इस बार दुकानों पर बच्चों से लेकर महिलाओं और कपल्स के लिए राखियों की एक से बढ़कर एक नई वैरायटी उपलब्ध है। बाजार में 1 रुपए से लेकर 500 रुपए तक की फैंसी राखियां ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई हैं। बहनें बच्चों के लिए लाइटिंग और म्यूजिकल राखियों की खरीद कर रही हैं, वहीं युवतियों और महिलाओं में एविल आई ब्रेसलेट का खास क्रेज देखने को मिल रहा है। व्यापारियों के अनुसार इस बार ग्राहकों की पसंद और बजट दोनों का ध्यान रखते हुए स्टॉक तैयार किया है। इसके साथ ही इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का व्यवधान नहीं रहेगा, जिससे पूरे दिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त बना रहेगा। बच्चों के लिए गैजेट्स वाली राखियां और कपल्स के लिए खास कपल सेट्स : बच्चों को लुभाने के लिए बाजार में खिलौनों और गैजेट्स से लैस राखियों का बड़ा कलेक्शन आया है। दुकानों पर 10 रुपए से 100 रुपए तक की रेंज में रंग-बिरंगी लाइटिंग और म्यूजिकल राखियां बिक रही हैं। राखियों में मिनी खिलौने, कलाई घड़ी, इयरफोन, वाटर गेम और सायरन जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं, जिन्हें बच्चे बेहद पसंद कर रहे हैं। वहीं भैया-भाभी के लिए विशेष कपल सेट्स लॉन्च किए गए हैं, जिनकी कीमत 50 रुपए से 500 रुपए तक है। इनमें कोलकाता के कारीगरों द्वारा तैयार जरदोजी वर्क की राखियां अपनी महीन फिनिशिंग और शाही लुक के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। धार्मिक आस्था से जुड़ी पारंपरिक मौली (कलावा) राखियों की मांग सबसे अधिक है, जो 10 से 70 रुपए की रेंज में उपलब्ध हैं। इसके अलावा मोरपंख, स्टोन वर्क और चिड़िया सेट जैसी डिजाइनों को भी खूब खरीदा जा रहा है। दूसरी ओर, फैशन ट्रेंड्स के मामले में एविल आई ब्रेसलेट महिलाओं की पहली पसंद बना हुआ है। लगभग 100 रुपए की कीमत में मिलने वाले इस ब्रेसलेट को लड़कियां नजर दोष से बचाव के साथ-साथ रक्षाबंधन के बाद भी फैशन एक्सेसरी के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए खरीद रही हैं। पंडित जितेंद्र शर्मा कसार के अनुसार इस बार रक्षाबंधन भद्रा के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त रहेगा। 28 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही भद्रा समाप्त हो जाएगी, जिससे सुबह से लेकर पूरे दिन राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे शुरू होगी और 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के कारण 28 अगस्त को ही पर्व मनाना शास्त्र सम्मत है। इस दिन चंद्रमा कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में रहेगा।