राजसमंद| राजस्थान सरकार के सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज आमजन की शिकायतों के निस्तारण को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक हुई। कलेक्टर अरुणकुमार हसीजा की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर केवल औपचारिक जवाब दर्ज करना पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता को वास्तविक और संतोषजनक राहत मिलना जरूरी है। उन्होंने बिजली, पेयजल, सड़क और अतिक्रमण से जुड़े मामलों में अधिकारियों से सीधे संवाद कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और नगर परिषद राजसमंद से संबंधित लंबित शिकायतों की स्थिति जानी गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने विभाग से जुड़े मामलों में स्वयं पहल करें और समय पर निस्तारण सुनिश्चित करें। दूरदराज क्षेत्रों की शिकायतों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए उपखंड अधिकारियों, विकास अधिकारियों और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संवाद किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को अपने स्तर पर सम्पर्क पोर्टल की नियमित मॉनिटरिंग करने और शिकायतों को लंबे समय तक लंबित नहीं रखने की हिदायत दी। उन्होंने कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया। समीक्षा में सामने आया कि निस्तारण के बाद भी कुछ शिकायतें दोबारा दर्ज हो जाती हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायत का समाधान करने के बाद शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी सुनिश्चित करें। राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर नागरिक 181 हेल्पलाइन, मोबाइल ऐप या ऑनलाइन माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इन शिकायतों की ट्रैकिंग और समयबद्ध निस्तारण की मॉनिटरिंग जिला व राज्य स्तर पर की जाती है।