भास्कर न्यूज |सवाई माधोपुर जिला अस्पताल में संचालित रामाश्रय वार्ड बुजुर्ग मरीजों के लिए उपचार के साथ सुविधाजनक और सुरक्षित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने का माध्यम बन रहा है। 60 वर्ष से ज्यादा आयु के मरीजों को ध्यान में रखते हुए विशेष चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वार्ड में बुजुर्ग मरीजों की नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक उपचार, दवा वितरण और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा दी जा रही है। अस्पताल में जांच और उपचार के लिए बुजुर्ग मरीजों को इधर-उधर भटकना न पड़े, इसके लिए अधिकांश जांच बेड पर ही कराने की व्यवस्था की गई है। सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि रामाश्रय वार्ड में बुजुर्ग मरीजों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं सहित वृद्धावस्था से जुड़ी विभिन्न बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाती है। मरीजों को बीमारियों से बचाव के उपायों के साथ पोषण, नियमित व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी जाती है। स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार मरीजों को आवश्यक परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जाता है। 10 बेड के वार्ड में मरीजों की सुविधाओं का विशेष ध्यान: पीएमओ डॉ. तेजराम मीना ने बताया कि जिला अस्पताल में 10 बेड का रामाश्रय वार्ड संचालित है। प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन पॉइंट, बेड साइड अलार्म सिस्टम तथा मरीज की निजता बनाए रखने के लिए पर्दों की व्यवस्था की गई है। वार्ड की सफाई के लिए अलग से सफाई कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। इससे बुजुर्ग मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। बुजुर्ग मरीजों को अस्पताल में अलग-अलग जांच केंद्रों पर जाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए अधिकांश जांच वार्ड में ही कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आवश्यक दवाइयां भी मरीजों को वार्ड में ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इससे मरीज और उनके परिजनों को अस्पताल की सामान्य भीड़ में जाने की आवश्यकता कम होती है। 24 घंटे नर्सिंग स्टाफ की निगरानी : नोडल अधिकारी डॉ. अतुल जैन ने बताया कि भर्ती बुजुर्ग मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए 24 घंटे नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था की गई है। दो-दो नर्सिंग कर्मियों की ड्यूटी के माध्यम से मरीजों की नियमित निगरानी की जाती है। किसी मरीज की तबीयत में अचानक बदलाव होने या किसी प्रकार की परेशानी सामने आने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। बताया कि बुजुर्ग मरीजों को अस्पताल की सामान्य भीड़ और भागदौड़ से बचाने के उद्देश्य से जांच, दवा और आवश्यक परामर्श की सुविधाएं यथासंभव वार्ड में ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा फिजियोथेरेपी, विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह, निशुल्क जांच और दवा वितरण जैसी सुविधाएं भी मरीजों को उपलब्ध हैं। जिला अस्पताल में बुजुर्ग मरीजों की सुविधा के लिए अलग प्रतीक्षालय और पर्ची बनवाने के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था भी की गई है। इसका उद्देश्य बुजुर्ग मरीजों को सामान्य मरीजों की भीड़ से राहत दिलाना और उन्हें अधिक आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराना है। अलग काउंटर होने से पर्ची बनवाने के लिए बुजुर्गों को लंबी कतार में खड़े होने की परेशानी से भी राहत मिलती है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों पर विशेष निगरानी रखते है। अलग प्रतीक्षालय, पर्ची काउंटर की सुविधा गंभीर मरीजों पर विशेष निगरानी