पाली में नगर निकाय चुनाव की 9 सितंबर को तय मतदान तारीख बदलने की मांग उठी है। जैन समाज का पर्युषण महापर्व 8 से 15 सितंबर तक मनाया जाएगा और 9 सितंबर को इसका दूसरा दिन है। इस दौरान समाज के हजारों श्रद्धालु उपवास, एकासना, प्रतिक्रमण और मौन आराधना जैसी धार्मिक गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं। श्रीसंघ सभा पाली ने राज्य निर्वाचन आयोग के नाम ज्ञापन सौंपकर पर्युषण के बाद किसी अन्य तारीख पर मतदान कराने की मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि पर्व के दौरान चुनाव होने से धार्मिक आराधना और मतदान दोनों प्रभावित हो सकते हैं और मतदान प्रतिशत पर भी असर पड़ने की संभावना है। पर्युषण के दौरान धार्मिक गतिविधियों में जुटे रहते हैं श्रद्धालु श्रीसंघ सभा पाली के अध्यक्ष विनय कुमार भंसाली और मंत्री गौतम छाजेड़ ने राज्य निर्वाचन आयोग से 9 सितंबर को निर्धारित मतदान को पर्युषण महापर्व के बाद किसी अन्य तारीख पर कराने की अनुशंसा करने का आग्रह किया है। पदाधिकारियों ने बताया कि पर्युषण महापर्व के दौरान जैन समाज के हजारों श्रद्धालु उपवास, एकासना, प्रतिक्रमण और मौन आराधना सहित विभिन्न धार्मिक गतिविधियों में लीन रहते हैं। इस वर्ष 9 सितंबर को पर्युषण महापर्व का दूसरा दिन होने के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के सामने धार्मिक आराधना और मतदान को लेकर असमंजस की स्थिति बन सकती है। बोले- मतदान प्रतिशत भी हो सकता है प्रभावित श्रीसंघ सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि पर्युषण पर्व के बीच चुनाव की तारीख होने से मतदान प्रतिशत भी प्रभावित होने की संभावना है। ऐसे में धार्मिक भावनाओं और लोकतांत्रिक अधिकार, दोनों को ध्यान में रखते हुए मतदान की तारीख पर्युषण महापर्व की समाप्ति के बाद निर्धारित की जानी चाहिए।