पंचायतीराज चुनाव में जिला परिषद सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय प्रत्याशियों को इस बार 20 चुनाव चिह्नों में से चिह्न दिए जाएंगे। चुनाव चिह्नों की सूची में लिफाफा, टेलीविजन, फव्वारा, टेलीफोन, फूलगोभी, गैस का चूल्हा, जंजीर, टॉफियां, चक्की और साइकल पम्प जैसे चिह्न शामिल हैं। वहीं, अंगूर, आरी, हरी मिर्च, स्कूल का बस्ता, हाथ गाड़ी, कैंची, हारमोनियम, सिलाई की मशीन, आइसक्रीम और जूता भी सूची में हैं। चुनाव में इन चिह्नों के जरिए निर्दलीय प्रत्याशी मतदाताओं के बीच अपनी पहचान बनाएंगे। खास बात यह है कि इन चुनाव चिह्नों में रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं से लेकर खाने-पीने की चीजों तक को जगह दी गई है। ऐसे में चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों को अपने चुनाव चिह्न के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने का मौका मिलेगा। नीचे दिए गए क्रम में चुनाव चिन्ह आवंटित होंगे चुनाव प्रचार में चिह्न बनेगी पहचान निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए चुनाव चिह्न मतदाताओं तक अपनी पहचान पहुंचाने का अहम माध्यम होता है। गांवों में जनसंपर्क के दौरान प्रत्याशी अपने चुनाव चिह्न के नाम और चित्र के जरिए मतदाताओं से संपर्क करते हैं। इस बार किसी प्रत्याशी को अंगूर या हरी मिर्च का चिह्न मिलता है तो किसी को टेलीफोन, गैस का चूल्हा या जूता जैसे चिह्न के साथ मैदान में उतरने का मौका मिलेगा।