अभियान में कांकरोली शुभमकुमार जाटोलिया ने शहर के विकास का विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि सभापति बनने का अवसर मिलने पर भारत के संविधान के नीति निदेशक तत्वों व मूल कर्तव्यों के तहत आने वाले सभी नियमों और योजनाओं का ईमानदारी व सत्यनिष्ठा के साथ क्रियान्वयन किया जाएगा। जाति और धर्म से ऊपर उठकर ''''वसुधैव कुटुंबकम्'''' तथा राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए सभी नागरिकों, विशेषकर पीड़ितों, असहायों, दिव्यांगों, विधवा व एकल महिलाओं तथा अनाथ बच्चों के लिए अलग से विशेष योजनाएं व फंड जारी कर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। - शुभमकुमार जाटोलिया, कांकरोली ^'अगर मैं सभापति होता...'''' अभियान में कांकरोली निवासी प्रमोद सेन ने राजसमंद को आधुनिक, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने का विज़न प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सभापति बनने का अवसर मिलने पर राजसमंद झील के किनारों को 'स्मार्ट रिवरफ्रंट' की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। बोटिंग सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ शहर में लेज़र शो शुरू कर पर्यटन को नया आयाम दिया जाएगा। मल्टी-लेवल पार्किंग, स्मार्ट सीवरेज और डोर-टू-डोर कचरा पृथक्करण... सेन ने शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए 100 फीट रोड व प्रमुख बाजारों में मल्टी-लेवल स्मार्ट पार्किंग और व्यवस्थित वेंडर ज़ोन बनाने की बात कही, ताकि जाम से मुक्ति मिल सके। प्रमोद सेन, कांकरोली (राजसमंद) दैनिक भास्कर उदयपुर, गुरुवार, 27 अगस्त, 2026 | 16 भास्कर न्यूज | राजसमंद मादक पदार्थ तस्करों, संगठित अपराधियों, अवैध खननकर्ताओं और साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस के विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई हुई। 20 जुलाई से 20 अगस्त तक चले अभियान में जिले में पहली बार अपराध से अर्जित करीब 2 करोड़ रुपए की संपत्ति चिन्हित कर अदालत में इस्तगासा पेश किया गया। पुलिस ने 59 वांछित और संगठित अपराधियों को गिरफ्तार किया। एनडीपीएस एक्ट के 20 मामले दर्ज कर 45 आरोपियों को पकड़ा गया। चारभुजा क्षेत्र के सोडा की भागल में एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री भी ध्वस्त की गई। 484 किलो डोडापोस्त, अफीम और गांजा के 340 पौधे जब्त: नशे के खिलाफ कार्रवाई में 484 किलो से अधिक डोडापोस्त, 6.25 किलो अफीम, 18.35 ग्राम ब्राउन शुगर और गांजे के 340 पौधे जब्त किए गए। सोडा की भागल में एमडी फैक्ट्री से मशीनरी, बीकर, हीटर और रसायन जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अवैध खनन में 43 वाहन-मशीनें जब्त: अवैध खनन के 25 मामले दर्ज किए गए। पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 7 डंपर, 2 जेसीबी, एक एलएनटी मशीन और मिट्टी-बजरी से भरे 33 ट्रैक्टर जब्त किए गए। कार्रवाई में 22.20 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला गया। एसपी हेमंत कलाल के अनुसार उषाण खमनोर निवासी भगवतसिंह की मकान, जमीन और कारों समेत करीब 1 करोड़ रुपए की संपत्ति चिन्हित की गई। डींगरौल कुंवारिया निवासी गणेश और जगदीश के ट्रैक्टर, लालजी का खेड़ा आमेट निवासी कैलाश का आईफोन, राजपुरा रेलमगरा निवासी प्रकाश के दो डंपर और मादरेचों का गुड़ा निवासी भैरूसिंह की कार को भी अपराध से अर्जित संपत्ति माना गया। छोगा बा का खेड़ा निवासी करमचंद की जमीन, दो बाइक और कार को लेकर सील करने की कार्रवाई शुरू की गई। साइबर अपराध के 10 मामले दर्ज कर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पीड़ितों को 26.91 लाख रुपए वापस दिलाए। यातायात नियमों के उल्लंघन पर 138 नाकाबंदी पॉइंट बनाए गए। 21,358 चालान कर 1.80 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला गया। सोशल मीडिया पर 53 आपत्तिजनक पोस्ट हटाईं... सोशल मीडिया मॉनिटरिंग में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली 51 और महिलाओं-बच्चों के प्रति अनुचित 2 पोस्ट चिन्हित कर हटवाई गईं। तीन मामले दर्ज कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 3 पिस्टल भी बरामद हुईं। अभियान में महिला सुरक्षा और नशामुक्ति कार्यक्रमों पर भी जोर दिया गया। भास्कर न्यूज | राजसमंद प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान के लिए राजसमंद की जिला संसाधन अधिकारी (डीआरपी) दुर्गेश नंदिनी यादव को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय पीएमएफएमई कॉन्क्लेव में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने उन्हें सम्मान प्रदान किया। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान से चयनित केवल चार प्रतिनिधियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें राजसमंद की डीआरपी भी शामिल रहीं। यह सम्मान लाभार्थियों को योजना की जानकारी देने, नए उद्यम स्थापित कराने, आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने और पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया। आवेदन से लेकर बैंक ऋण तक लाभार्थियों को सहयोग : जिले में पीएमएफएमई योजना को गति देने में दुर्गेश नंदिनी यादव की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में पहले से काम कर रहे उद्यमियों के साथ नए उद्योग शुरू करने के इच्छुक लोगों को योजना के प्रावधानों की जानकारी दी। आवेदन के दौरान आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं के समाधान में भी सहयोग किया। लाभार्थियों को बैंक ऋण, सब्सिडी और तकनीकी परामर्श का लाभ दिलाने पर विशेष जोर रहा। कॉन्क्लेव में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने योजना के सफल क्रियान्वयन, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों पर चर्चा की। विशेषज्ञों की पैनल चर्चा के साथ विभिन्न राज्यों के सफल लाभार्थियों की प्रेरक कहानियां भी प्रस्तुत की गईं। स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे... पीएमएफएमई योजना का उद्देश्य स्थानीय कृषि और खाद्य उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर उत्पादकों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाना है। वित्तीय व तकनीकी सहायता मिलने से छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ावा मिलता है। इससे स्वरोजगार के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं। योजना के तहत प्रसंस्करण क्षमता, गुणवत्ता और बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। पीएमएफएमई योजना के तहत पात्र व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को परियोजना लागत का 35% तक, अधिकतम 10 लाख रुपए की क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी दी जाती है। स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ और उत्पादक सहकारी समितियों को पूंजी निवेश, प्रशिक्षण और कार्यशील पूंजी के लिए सहायता मिलती है। स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए 50% तक अनुदान का प्रावधान है।