कोटपूतली में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत उप जिला निर्वाचन अधिकारी सोहन सिंह नरुका ने मंगलवार को पावटा और विराटनगर में रिटर्निंग अधिकारियों सहित ब्लॉक स्तरीय एवं संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी नरुका ने अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चुनावी तैयारियां तय समय सीमा में पूरी की जाएं। उन्होंने आदर्श आचार संहिता की प्रभावी पालना पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में इसके प्रावधानों की नियमित निगरानी करें। किसी भी तरह के उल्लंघन की सूचना मिलने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए। सार्वजनिक और निजी स्थानों पर प्रचार-प्रसार, पोस्टर-बैनर, होर्डिंग्स सहित अन्य प्रचार सामग्री लगाने के संबंध में निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। ईवीएम और डिस्पैच सेंटर की व्यवस्थाएं देखीं बैठक में पोलिंग पार्टी डिस्पैच सेंटर, ईवीएम वितरण एवं प्राप्ति केंद्र और चुनाव कार्य सेल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। नरुका ने मतदान दलों के लिए पर्याप्त स्थान, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ईवीएम और निर्वाचन सामग्री के सुरक्षित रख-रखाव, वितरण एवं प्राप्ति की व्यवस्थित प्रक्रिया के साथ पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। वोटर हेल्प डेस्क पर मतदाताओं को मिलेगी जानकारी उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सहायता केंद्र यानी वोटर हेल्प डेस्क की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि मतदाताओं को मतदाता सूची, मतदान केंद्र और निर्वाचन से जुड़ी जरूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जाए। हेल्प डेस्क पर तैनात कार्मिकों को मतदाताओं की समस्याओं और जिज्ञासाओं का तत्परता से समाधान करने के निर्देश दिए गए। मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश नरुका ने मतदान केंद्रों पर पेयजल, विद्युत, प्रकाश, शौचालय, साफ-सफाई और छाया जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने मतदान केंद्रों की भौतिक स्थिति का सत्यापन कर कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए, ताकि मतदान के दौरान मतदाताओं और मतदान दलों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।