अजमेर से किडनैप, युवक का साला मास्टर माइंड रेलवे भर्ती बोर्ड अजमेर के सहायक प्रशासनिक अधिकारी रवि मीणा का अपहरण उसके साले के इशारे पर किया गया था। अपहरण के बाद 51 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने पांच दिन बाद रवि को बांदीकुई से सकुशल दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने मामले के मास्टरमाइंड बताए जा रहे उसके साले महेंद्र पालाराम को भी पकड़ लिया है। सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने बताया कि रवि और उसकी पत्नी सुमित्रा के बीच शादी के बाद से विवाद चल रहा था। दोनों के तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है। इसी रंजिश में 21 अगस्त को डीआरएम ऑफिस के पास से रवि का अपहरण किया गया। एसएचओ शंभु सिंह के मुताबिक, ड्यूटी पूरी करने के बाद रवि ने डीआरएम ऑफिस के पास पार्किंग में अपनी गाड़ी खड़ी की और बांदीकुई जाने के लिए रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा था। आरआरबी कार्यालय से ही एक युवक उसका पीछा कर रहा था। कुछ दूरी पर दो कारों में अन्य आरोपी मौजूद थे। रवि के अकेले होते ही रैकी कर रहे युवक ने कार में बैठे उसके साले को इशारा किया। इसके बाद कार ने रवि को टक्कर मारकर गिरा दिया। कार सवार आरोपियों ने उसे जबरन कार में डाला और वहां से फरार हो गए। टहला गांव लेकर जा मारपीट की, मां से फोन पर बात कराई रवि के मुताबिक, महेंद्र और उसके साथी उसे रात में टहला गांव ले गए। वहां उसके साथ मारपीट की और 51 लाख रुपए की फिरौती मांगी। आरोपियों ने उसकी मां सामंती देवी से फोन पर बात कराई और रुपए देने का दबाव बनाया। इसके बाद आरोपी रवि को कार में लेकर इधर-उधर घूमते रहे और उसकी मां पर फिरौती की रकम देने का दबाव बनाते रहे।