राहुल गांधी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट के जगला गांव में बैगा आदिवासियों से जमीन पर बैठकर मुलाकात की। वे यहां बीमारी से जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों से मिलने पहुंचे थे। 12 दिन में उनका एमपी का यह दूसरा दौरा था। इससे पहले 19 सितंबर को इंदौर पहुंचे थे। एक घंटे की मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं, उन्हें उनका हक मिलना चाहिए, लेकिन एमपी में ऐसा नहीं हो रहा है। केंद्र और राज्य की सरकार ने बेसहारा छोड़ दिया है। बीमारी से निपटने में राज्य सरकार पूरी तरह फेल रही। वे यह मुद्दा लोकसभा में उठाएंगे। राहुल से मिलने आसपास के गांवों से करीब डेढ़ हजार लोग पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने माटे प्राथमिक शासकीय स्कूल में बच्चों से मिड डे मील के बारे में जाना। बालाघाट जिले में पिछले 3 महीनों में कुपोषण और मलेरिया से 32 आदिवासी बच्चों की मौत हुई है। कांग्रेस का दावा है कि मौतों की संख्या ज्यादा है। भाजपा ने राहुल के दौरे को राजनीतिक माइलेज लेने की कवायद बताया है। राहुल बोले- परिवारों को मुआवजा नहीं मिला, 9 बड़ी बातें