चूरू के राजलदेसर में शुक्रवार सुबह झाड़ियों और कचरे के ढेर में नवजात बच्ची मिली। राहगीरों ने बच्ची के रोने की आवाज सुनी तो मौके पर पहुंचे और कीकरों व कचरे के बीच पड़ी नवजात को बाहर निकाला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को राजलदेसर के राजकीय अस्पताल पहुंचाया। वहां से उसे रतनगढ़ और बाद में चूरू के राजकीय डीबी अस्पताल की मातृ एवं शिशु इकाई लाया गया। नवजात को एफबीएनसी वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। उसका वजन 2.9 किलोग्राम है और फिलहाल हालत स्थिर बताई जा रही है। रोने की आवाज सुनकर झाड़ियों में पहुंचे लोग बाल अधिकारिता विभाग की चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना अधिकारी पन्ने सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह राजलदेसर के भावनदेसर रोड पर वार्ड 26 व 27 के पास राहगीरों ने झाड़ियों की ओर से बच्ची के रोने की आवाज सुनी। आवाज सुनकर लोग झाड़ियों के पास पहुंचे तो कीकरों और कचरे के बीच नवजात बच्ची पड़ी मिली। इसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। राजलदेसर से रतनगढ़ और फिर चूरू पहुंचाया पुलिस ने नवजात को तत्काल राजलदेसर के राजकीय अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद उसे रतनगढ़ भेजा गया। वहां से नवजात को चूरू के राजकीय डीबी अस्पताल की मातृ एवं शिशु इकाई लाया गया। शुक्रवार दोपहर उसे एफबीएनसी वार्ड में भर्ती कर डॉक्टरों की निगरानी में इलाज शुरू किया गया। वजन 2.9 किलो, शरीर पर मामूली चोट के निशान अस्पताल में भर्ती नवजात का वजन 2.9 किलोग्राम मिला है। उसका तापमान सामान्य से कुछ कम बताया गया है। शरीर पर मामूली खरोंच और चोट के निशान भी मिले हैं। डॉक्टरों की निगरानी में नवजात की आवश्यक जांचें की जा रही हैं। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। स्वस्थ होने के बाद बाल कल्याण समिति के सामने होगी पेशी पन्ने सिंह ने बताया कि नवजात के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके बाद समिति के निर्णय के अनुसार बच्ची को गोद देने की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।