गांधी जयंती के अवसर पर जयपुर में हुए राज्यस्तरीय पंचायतीराज जनप्रतिनिधि सम्मेलन में झुंझुनूं जिले की लांबी अहीर ग्राम पंचायत की सरपंच नीरू यादव के काम की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सराहना की। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नीरू यादव से सीधा संवाद किया और पंचायत में किए जा रहे विकास कार्यों एवं नवाचारों की जानकारी ली। इस दौरान सीएम ने नीरू यादव की ओर से शुरू किए गए ‘बर्तन बैंक’ मॉडल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि डिस्पोजल और सिंगल यूज प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल कम करने की दिशा में यह अच्छी पहल है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने में भी मदद मिल सकती है। झुंझुनूं के सूचना केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में जिले के पंचायतीराज जनप्रतिनिधि और अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। कार्यक्रम राज्य सरकार के ‘सेवा संकल्प अभियान-जन सेवा ही प्रभु सेवा’ के तहत आयोजित किया गया। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। 2020 में सरपंच बनीं नीरू यादव
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने नीरू यादव से पंचायत में किए गए विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली। नीरू यादव ने बताया कि वर्ष 2020 में सरपंच बनने के बाद उनका मुख्य उद्देश्य गांव का विकास करना रहा है। उन्होंने गांव में खेल मैदान विकसित करवाने के साथ बेटियों को खेलों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया। गांव की बेटियों को हॉकी का प्रशिक्षण और जरूरी खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाने का काम किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में भी पंचायत स्तर पर कई पहल की गईं। नीरू यादव ने बताया कि सरपंच के रूप में मिलने वाले मानदेय को उन्होंने गांव की बच्चियों की पढ़ाई और खेल संसाधनों के लिए दान किया। इसके अलावा गांव के सरकारी स्कूल को प्री-प्राइमरी स्कूल का दर्जा दिलाने के लिए भी प्रयास किए गए। शादी-ब्याह में डिस्पोजल का विकल्प बना ‘बर्तन बैंक’
मुख्यमंत्री ने बर्तन बैंक की शुरुआत के बारे में भी नीरू यादव से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि गांव में शादी-ब्याह और अन्य सामाजिक आयोजनों में बड़ी मात्रा में डिस्पोजल और सिंगल यूज प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल होता था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद इन्हें कचरे के रूप में फेंक दिया जाता था। प्लास्टिक से होने वाले नुकसान को देखते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर बर्तन बैंक शुरू किया गया। इसके तहत सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए स्टील के बर्तन उपलब्ध करवाए जाते हैं। इससे ग्रामीणों को डिस्पोजल बर्तनों का विकल्प मिलता है और प्लास्टिक कचरे को कम करने में मदद मिलती है। 2025 के बजट में प्रदेश की पंचायतों के लिए लागू हुआ मॉडल
नीरू यादव ने मुख्यमंत्री को बताया कि लांबी अहीर ग्राम पंचायत में शुरू किए गए इस नवाचार से प्रभावित होकर राज्य सरकार ने वर्ष 2025 के बजट में प्रदेश की ग्राम पंचायतों में बर्तन बैंक की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया। सीएम बोले- प्लास्टिक खेतों तक पहुंचकर मिट्टी को पहुंचाता है नुकसान
सीएम ने कहा कि वर्तमान समय में बर्तन बैंक बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण नवाचार है। लोग डिस्पोजल और प्लास्टिक के बर्तनों का इस्तेमाल करने के बाद उन्हें फेंक देते हैं। यह कचरा नालियों और अन्य स्थानों से होते हुए खेतों तक पहुंच जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक आसानी से नष्ट नहीं होता और इससे जमीन की उर्वरता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।