राजस्थान के रेगिस्तानी और बॉर्डर वाले जिलों में अक्टूबर माह में भी तेज गर्मी से हो रही है। इसे देखते हुए स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए हुए शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण और राहत भरा कदम उठाया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, राजस्थान, बीकानेर ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि राज्य के स्कूलों में पूर्व निर्धारित ग्रीष्मकालीन समय-सारणी यानी सुबह 7:30 बजे का समय 15 अक्टूबर तक ऐसे ही लागू रहेगा। अब शीतकालीन समयावधि में परिवर्तन 16 अक्टूबर से प्रभावी होगा। तापमान के लिहाज से कितना सटीक निर्णय मौसम के जानकारों और स्थानीय आंकड़ों के अनुसार, जैसलमेर जैसे मरुस्थलीय जिले में अक्टूबर के शुरुआती हफ्तों में भी दिन का अधिकतम तापमान सामान्यत 35°C से 37°C के बीच बना रहता है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय बच्चों का खुले में या स्कूलों में बैठना स्वास्थ्य के लिए नुकसान साबित हो सकता है। इस भौगोलिक परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए, शिक्षा विभाग का यह निर्णय जैसलमेर के विद्यार्थियों के लिए बेहद सटीक और व्यावहारिक साबित हो रहा है। सुबह 7:30 बजे स्कूल होने से बच्चे चिलचिलाती दोपहर की तेज धूप और भीषण गर्मी के प्रकोप से सुरक्षित रहेंगे, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। संघ की मांग पर लगी मुहर प्राथमिक अध्यापक संघ लेवल प्रथम के जरिए लगातार छोटे बच्चों की सुविधा और सेहत का हवाला दिया जा रहा था। संघ ने 22 सितंबर को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र प्रेषित कर मांग की थी कि 1 से 15 अक्टूबर के बीच स्कूलों के समय में बदलाव न किया जाए। जैसलमेर जैसे गर्म जिलों की जमीनी हकीकत को देखते हुए संघ का यह तर्क पूरी तरह उचित साबित हुआ है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष विजय सुथार ने सरकार और शिक्षा विभाग के इस कदम को विद्यार्थी और शिक्षक हित में लिया गया एक बेहद सकारात्मक निर्णय बताया है। वहीं, संघ के सचिव श्याम जागूं ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा- इससे रेगिस्तानी इलाकों के नौनिहालों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। इस निर्देश के बाद अब जैसलमेर सहित पूरे प्रदेश के स्कूलों में 15 अक्टूबर तक सुबह की पारी का पुराना समय ही संचालित रहेगा।