प्रदेश में पंचायत राज चुनावों के चलते होने वाली अर्द्ध वार्षिक परीक्षाओं में बदलाव करने के बाद अब शिक्षा विभाग के सामने तारीखों को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। बदले हुए परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 27 और 28 नवंबर को परीक्षाएं निर्धारित की गई हैं, जबकि इन्हीं तारीखों पर राज्य स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन भी प्रस्तावित हैं। ऐसे में विभागीय कैलेंडर में दर्ज कार्यक्रमों के बीच टकराव को लेकर शिक्षक संगठन रेसटा ने चिंता जताई है। शिक्षक संघ रेसटा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद का कहना है- परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव करते समय शिविरा पंचांग में पहले से निर्धारित राज्य स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन की तिथियों का ध्यान रखा जाना चाहिए था। दोनों कार्यक्रम एक ही समय पर होने से शिक्षकों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे शैक्षिक सम्मेलनों की तैयारियों और शिक्षकों की सहभागिता पर भी असर पड़ने की आशंका है। संघ के प्रदेश महामंत्री नवल सिंह मीणा ने भी इस मामले में कहा- पंचायती राज चुनावों के कारण परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव करना सही हो सकता है, लेकिन बदलाव करते समय पहले से निर्धारित कार्यक्रमों के साथ समन्वय जरूरी है। जल्द ही नई तारीख घोषित करने की मांग शिक्षक संघ रेसटा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव,स्कूल शिक्षा और निदेशक, माध्यमिक शिक्षा से राज्य स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन की संशोधित तिथियां शीघ्र घोषित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि समय पर नई तिथियां घोषित होने से शिक्षकों के बीच असमंजस दूर होगा और शिक्षक संगठन अपनी तैयारियां व्यवस्थित ढंग से कर सकेंगे।