राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र में घरेलू पर्यटकों का दबदबा लगातार मजबूत बना हुआ है। साल 2026 की पहली छमाही यानी जनवरी से जून के दौरान प्रदेश में आने वाले टूरिस्ट के आंकड़े को पर्यटन विभाग ने जारी किए हैं। इसमें यहां पर कुल 10.92 लाख पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं, इनमें 10.83 करोड़ डॉमेस्टिक टूरिस्ट और 8.44 लाख विदेशी पर्यटक यात्राएं शामिल हैं। यानी कुल पर्यटन यात्राओं में घरेलू पर्यटकों की हिस्सेदारी करीब 99.2 प्रतिशत, जबकि विदेशी पर्यटकों की हिस्सेदारी करीब 0.8 प्रतिशत रही। ये आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान का पर्यटन बाजार मुख्य रूप से घरेलू यात्रियों पर टिका है लेकिन विदेशी पर्यटकों के बीच भी प्रदेश की विरासत, संस्कृति, महलों, मरुस्थल और वन्यजीव पर्यटन की मजबूत पहचान बनी हुई है। खास बात यह है कि घरेलू और विदेशी पर्यटकों की पसंद में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक मार्केटिंग अजय शर्मा ने बताया कि पहली छमाही के आंकड़े राजस्थान की पर्यटन क्षमता की व्यापक तस्वीर पेश करते हैं। घरेलू पर्यटकों की बड़ी संख्या राज्य के धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, वन्यजीव और मरु पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता को दर्शाती है, जबकि विदेशी पर्यटक राजस्थान के प्रमुख हेरिटेज और कल्चरल सर्किट के साथ-साथ चुनिंदा वन्यजीव और ग्रामीण पर्यटन स्थलों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। घरेलू बनाम विदेशी-राजस्थान के पर्यटन की तस्वीर आंकड़ों को देखा जाए तो हर एक विदेशी पर्यटक यात्रा के मुकाबले करीब 128 घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं। इससे साफ है कि राजस्थान के पर्यटन उद्योग की सबसे बड़ी ताकत देश के भीतर से आने वाला पर्यटक वर्ग है। पहली पसंद बने सीकर, चित्तौड़गढ़ और जैसलमेर जनवरी से जून 2026 के दौरान घरेलू पर्यटक यात्राओं में सीकर सबसे आगे रहा। जिले में 1,56,18,987 घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज हुईं। दूसरे स्थान पर चित्तौड़गढ़ रहा, जहां 1,33,75,121 यात्राएं दर्ज हुईं। वहीं जैसलमेर में 1,18,34,038 घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। इन जिलों की यह रही स्थिति अजमेर – 99,28,270 जयपुर – 81,49,183 करौली – 64,00,913 सवाई माधोपुर – 61,88,159 सिरोही – 61,13,562 उदयपुर – 47,61,432 चूरू – 34,08,523 इन आंकड़ों में राजस्थान के घरेलू पर्यटन की एक अलग तस्वीर दिखाई देती है। घरेलू पर्यटक केवल जयपुर, उदयपुर जैसे पारंपरिक पर्यटन केंद्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धार्मिक और आस्था स्थलों, ऐतिहासिक शहरों, वन्यजीव क्षेत्रों और मरुस्थलीय पर्यटन स्थलों तक भी पहुंच रहे हैं। सीकर और करौली की मजबूत मौजूदगी धार्मिक पर्यटन की ताकत दिखाती है। चित्तौड़गढ़ ऐतिहासिक विरासत के कारण आकर्षण का केंद्र है, जबकि सवाई माधोपुर वन्यजीव पर्यटन के लिए लोकप्रिय है। जैसलमेर का मरु पर्यटन घरेलू यात्रियों के बीच भी तेजी से पसंद किया जा रहा है। विदेशी पर्यटकों की पसंद में जयपुर नंबर वन घरेलू पर्यटन में सीकर भले ही सबसे आगे रहा हो, लेकिन विदेशी पर्यटकों के मामले में तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। जनवरी-जून 2026 में जयपुर 2,56,293 विदेशी पर्यटक यात्राओं के साथ राजस्थान में पहले स्थान पर रहा। विदेशी पर्यटक यात्राओं के मामले में प्रमुख जिले जयपुर – 2,56,293 उदयपुर – 1,84,045 जोधपुर – 82,846 जैसलमेर – 66,433 सवाई माधोपुर – 38,542 अजमेर – 36,406 दौसा – 36,116 पाली – 28,982 झुंझुनूं – 23,567 बीकानेर – 22,215 विदेशी पर्यटकों के मामले में जयपुर की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। जनवरी-जून में राजस्थान आए कुल विदेशी पर्यटक यात्राओं में जयपुर की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत रही। इसके बाद उदयपुर का स्थान रहा, जिसकी हिस्सेदारी करीब 22 प्रतिशत रही।