पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने रणजी ट्रॉफी सीजन के बीच में इंडिया-ए टीम को न्यूजीलैंड भेजने पर नाराज हैं। उन्होंने BCCI के इस फैसले की आलोचना की है। 70 साल के वेंगसरकर ने कहा, 'जब रणजी ट्रॉफी सीजन चल रहा है, तब इंडिया ए का दौरा क्यों कराया जा रहा है? फिर रणजी ट्रॉफी कराने का क्या मतलब है?’ इंडिया ए को 24 अक्टूबर से न्यूजीलैंड का दौरा करना है। उसे वहां पर 3 मल्टी डे मैच खेलने हैं। टीम इंडिया की कप्तानी ध्रुव जुरेल को सौंपी गई है। वेंगसरकर बोले- घरेलू सीजन के दौरान इस तरह के टूर करना बेतुका वेंगसरकर ने कहा, ‘अपने घरेलू सीजन के दौरान इंडिया-ए का इस तरह का दौरा पूरी तरह बेतुका है। इससे देश के प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट का महत्व कम हो रहा है।’ वेंगसरकर ने कहा, ‘अगर आपके सर्वश्रेष्ठ घरेलू खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी के दौरान इंडिया ए के लिए खेल रहे हैं, तो रणजी में रन बनाने और विकेट लेने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन का महत्व कम हो जाता है।’ कंडीशंस भांपने के लिए मुख्य टीम को जल्दी भेजिए- वेंगसरकर वेंगसरकर ने कहा, ‘अगर आप चाहते हैं कि आपके खिलाड़ी परिस्थितियों और स्थानीय माहौल के जल्दी अभ्यस्त हों, तो अपनी मुख्य टीम को जल्दी भेजिए।’ 116 टेस्ट खेल चुके वेंगसरकर ने आगे कहा, ‘उन खिलाड़ियों को भेजने का कोई मतलब नहीं है, जो टेस्ट सीरीज में खेलने वाले ही नहीं हैं।’ वेंगसरकर भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता भी रह चुके हैं। उन्होंने पहले भी घरेलू कैलेंडर के दौरान इंडिया A टूर और घरेलू सीरीज कराने के BCCI के फैसले पर सवाल उठाए हैं। ------------------------------------------------------------ रेड बॉल क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रणजी ट्रॉफी मैच में साई सुदर्शन चोटिल:लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर गए, पिछले महीने चोट से लौटे थे भारतीय क्रिकेटर साई सुदर्शन सोमवार को जयपुर में एक रणजी मैच के दौरान चोटिल हो गए। वे कवर पर करण लांबा का ड्राइव रोकने की कोशिश कर रहे थे। यह गेंद पी. सरवाना कुमार ने फेंकी थी। चोट लगने के बाद वे एक सपोर्ट स्टाफ का सहारा लेकर लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर गए। पढ़ें पूरी खबर