जयपुर नगर निगम में पुनर्मतदान के बाद गुरुवार को चारों वार्डों की मतगणना की गई। चारों ही वार्डों का परिणाम चौंकाने वाला रहा। सभी में कांग्रेस ने जीत हासिल की। भाजपा एक वार्ड भी नहीं जीत पाई। इन चारों वार्डों में 2 वार्ड विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र के और 2 वार्ड झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के हैं। वार्ड 9 में कैलाशी देवी (कांग्रेस) ने 764 वोटों से वार्ड 18 में वंदिता शर्मा (कांग्रेस) ने 181 वोटों से, वार्ड 25 में रेखा देवी (कांग्रेस) ने 397 वोटों से और वार्ड 34 में सुरेश यादव (कांग्रेस) ने 149 वोटों से जीत हासिल की। 4 वार्डों के परिणाम एकतरफा जाएंगे ऐसा किसी ने कयास नहीं लगाया था। पुनर्मतदान की घोषणा होते ही प्रत्याशियों ने जीत के लिए एडी से चोटी तक का जोर लगा दिया। आखिर कांग्रेस 4 सीटें जीतने में सफल रही। इन चारों वार्डों में मतगणना के दौरान ईवीएम खराब हो गई थी। इस कारण यहां के मतों की गणना नहीं हो सकी थी। ईवीएम ठीक नहीं होने के कारण इन चारों वार्डों के 5 बूथों पर फिर से मतदान कराया गया था। विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र के दो और झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के 2 वार्डों का परिणाम वार्ड नंबर 9 में पुनर्मतदान तक कांग्रेस की प्रत्याशी कैलाशी देवी करीब 610 वोटों से आगे थी। यह अंतर पाटना भाजपा की मंजू अग्रवाल के लिए बड़ी चुनौती था। हालांकि यह बूथ भाजपा का गढ़ माना जाता है। इसलिए कांग्रेस को भी अंदर खाने चिंता सता रही थी। वोटों का अंतर अधिक था, इसके बावजूद दोनों ही प्रत्याशियों ने कड़ी मेहनत की। यह भी माना जा रहा था कि एक हजार के आसपास मतदान होगा। इसमें से भाजपा को जीत के लिए 800 से अधिक वोट चाहिए थे। भाजपा का गढ़ होने के बावजूद वह इतने वोट प्राप्त नहीं कर सकी। घर घर संपर्क करने की कांग्रेस की रणनीति सफल रही और इस बूथ पर कांग्रेस को 573 वोट मिले। मतदान में आधे से अधिक वोट कांग्रेस के खाते में जाने से भाजपा वार्ड में जीत हासिल नहीं कर सकी। वार्ड 9: कांग्रेस से कैलाशी देवी 764 वोट से जीतीं विजेता: कैलाशी देवी वोट मिले: 4610 मंजू अग्रवाल (भाजपा) को 3846 वोट मिले कुल प्रत्याशी: 5 वार्ड 18: वंदिता शर्मा 181 वोट के अंतर से जीतीं विजेता: वंदिता शर्मा (कांग्रेस) वोट मिले: 4962 नीरज कुमावत (भाजपा) को 4781 वोट मिले कुल प्रत्याशी: 4 वार्ड 25: रेखा सैनी ने 397 वोटों से जीत हासिल की विजेता: रेखा सैनी (कांग्रेस) वोट मिले: 5533 चंचल कंवर (भाजपा) को 5136 वोट मिले कुल प्रत्याशी: 6 वार्ड 34: कांग्रेस के सुरेश यादव 149 वोटों से जीते विजेता: सुरेश यादव (कांग्रेस) वोट मिले: 4405 पीयूष किराडू (भाजपा) को 4256 वोट मिले कुल प्रत्याशी: 4 40 वोटों से पीछे थे, 1-1 वोट साधा वार्ड नंबर 18 में एक बूथ की ईवीएम खराब हो गई थी। इस बूथ को अलग कर दे तो अन्य बूथों पर भाजपा करीब 40 वोटों से आगे थी। इसके बावजूद कांग्रेस की प्रत्याशी वंदिता शर्मा को जीत का विश्वास था। वंदिता ने बताया कि जैसे ही पुनर्मतदान की घोषणा हुई। मैंने इस बूथ के एक-एक वोट से संपर्क किया। अपना विजन बताया। देर रात तक घर घर मतदाताओं को साधने का प्रयास किया। मतदाताओं ने भी उन्हें भरोसा दिलाया। बूथ का एक-एक वोट हमारी टिप्स पर था। हमने पूरी प्लानिंग की ताकि कोई मतदान से वंचित ना रहे। हमें इसी का फायदा मिला। वार्ड 25: में निर्दलीय को पक्ष में करने की चाल नहीं चली वार्ड नंबर 25 में कांग्रेस की प्रत्याशी रेखा सैनी 98 वोटों से आगे थी। लग रहा था कि मामला कांटे का है। क्योंकि जिस बूथ पर पुनर्मतदान हुआ, उस बूथ पर भाजपा के वोट बड़ी संख्या में थे। भाजपा ने निर्दलीय को अपने पक्ष करके जीत का प्रयास किया, लेकिन भाजपा की यह चाल नहीं चली। रेखा सैनी ने बूथ पर घर घर संपर्क किया और वोट भाजपा के पक्ष में जाने से रोका। उन्होंने क्षेत्र के विकास का वादा किया। रेखा मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने में कामयाब रही। आखिर कांग्रेस को जीत मिली। वार्ड 34: कांग्रेस ने बूथ नंबर 484 पर लगाया पूरा जोर इस वार्ड में दो बूथों पर पुनर्मतदान हुआ था। इसमें से बूथ नंबर 477 में भाजपा तो बूथ नंबर 484 में कांग्रेस के वोट अधिक थे। इन दोनों बूथों के अलावा अन्य बूथों की गणना में कांग्रेस के प्रत्याशी सुरेश यादव 94 वोटों से आगे थे। दोनों बूथों में से एक बूथ निर्माण नगर का था और एक बूथ गजसिंहपुरा का। यादव ने बताया कि निर्माण नगर वाले बूथ पर निर्दलीय प्रत्याशी का भी प्रभाव था। इसलिए यहां वोट तीन भागों में बंटने की संभावना था। मेरा फोकस गजसिंहपुरा बूथ पर रहा। पुनर्मतदान से पहले घर-घर संपर्क कर लोगों को वार्ड के विकास का विश्वास दिलाया। इस कारण मुझे बंपर वोट मिले, जो जीत का आधार बने।