सरकारी नौकरी का झांसा देकर युवाओं और उनके परिवार से रुपए ऐंठने वाले पति-पत्नी पर अब तीसरा मामला दर्ज हुआ है। दोनों रिटायर्ड पुलिसकर्मी के बेटा-बहू योगेश पारीक और उसकी पत्नी बिंदिया पारीक है। पीड़ित का आरोप है कि उसके बेटे की दिल्ली पुलिस में नौकरी लगवाने के बदले 7 लाख रुपए लिए गए थे। इसके बाद भी नौकरी नहीं लगवाई गई। रुपए वापस मांगने पर जातिसूचक शब्द बोलकर अपमानित किया और धमकाकर घर से भगा दिया गया। अब पीड़ित ने वैशाली नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। ठगी के आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ पहले भी दो मामले दर्ज हैं। तीनों मामलों में अब तक कुल 32 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप लगे है। ASP दीपक कुमार ने बताया की फिलहाल परिवादी ने कोर्ट इस्तगासे के जरिए वैशाली नगर थाने में आरोपियों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कराया है। जांच शुरू कर दी है दिल्ली पुलिस में नौकरी लगवाने के बदले 7 लाख लिए खुदनपुरी निवासी परिवादी पूरणमल बैरवा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह मकानों में टाइल लगाने का काम करता है। जनवरी 2023 में वह सिकंदरा निवासी रामोतार मिस्त्री के साथ काम कर रहा था। इस दौरान उसे योगेश पारीक (ठग) के सूर्यनगर स्थित मकान पर टाइल लगाने के लिए भेजा था। इसके बाद मार्च 2023 में ठग के दूसरे घर शालीमार स्थित मकान पर भी करीब 15 दिन काम किया था। इसी दौरान ठग पति-पत्नी ने उससे कहा कि यदि उसके घर में कोई पढ़ा-लिखा बच्चा है तो वे उसकी सरकारी नौकरी लगवा सकते हैं। वह उनके झांसे में आ गया। उन्होंने बेटे को दिल्ली पुलिस में सिपाही लगवाने के लिए 7 लाख रुपए मांगे। पीड़ित के अनुसार- मार्च 2023 को उसने एक लाख रुपए दे दिए। करीब एक सप्ताह बाद दोनों ठग उसके घर पहुंचे और कहा कि एक लाख रुपए अधिकारियों तक पहुंचा दिए गए हैं और उसके बेटे की नौकरी लगने की बात तय हो गई है। इसके बाद उससे बाकी 6 लाख रुपए का इंतजाम करने को कहा गया। परिवादी ने बताया कि उसने बकाया रकम जुटाने के लिए अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों से लोन लिया। उसके बैंक खाते में रकम आने के बाद उसने आरोपियों को 1.85 लाख रुपए ऑनलाइन और 65 हजार रुपए चेक से दिए। बाकी 3.50 लाख रुपए पत्नी के पीहर से इंतजाम कराए गए। पीड़ित का कहना है कि दिल्ली पुलिस की परीक्षा से पहले आरोपी पति-पत्नी उसके घर आए और 3.50 लाख रुपए नकद लेकर गए। इस तरह कुल 7 लाख रुपए लेने का आरोप है। बेटे को जयपुर परीक्षा दिलाने लेकर गए, फिर धमकाया पीड़ित के अनुसार- 24 नवंबर 2023 को दिल्ली पुलिस की परीक्षा के लिए आरोपी उसके बेटे राहुल को जयपुर भी लेकर गए। परीक्षा से पहले महिला ठग ने बेटे से कहा कि पेपर में जितना आता है, उतना कर देना, बाकी वह देख लेगी। रिजल्ट आने पर पता चला कि बेटे का सिलेक्शन नहीं हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि नौकरी नहीं लगने के बाद उसने कई बार ठग पति-पत्नी से रुपए मांगे। दोनों बहाने बनाकर आगे देने की बात का कहकर टालमटोल करते रहे। करीब एक साल से ज्यादा समय बीतने पर उसने 31 जुलाई 2026 को शालीमार स्थित ठग के मकान पर जाकर रुपए मांगे। इस दौरान आरोपियों ने उसका मोबाइल छीन लिया, जिसे उसने किसी तरह वापस लिया। इसके बाद दोनों मारपीट पर उतारू हो गए और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसे और उसकी पत्नी को अपमानित किया। आरोप है कि महिला ठग ने अपने ससुर के थानेदार होने की बात कहते हुए पुलिस में बंद करवाने की धमकी भी दी। इसके बाद दोनों को घर से भगा दिया गया। ठग पति-पत्नी पर पहले भी कई मामले दर्ज ठग योगेश पारीक और बिंदीया पारीक के खिलाफ इसी तरीके से रुपए ऐंठने के पहले भी अलवर में मामले दर्ज है। 16 जून 2026 को कोतवाली थाने में और 8 मई 2026 को वैशाली नगर थाने में मामला दर्ज करवाए गए थे। कोतवाली मामले में आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका जिला एवं सेशन कोर्ट अलवर से खारिज हो चुकी है। परिवाद में यह भी बताया गया है कि योगेश पारीक के पिता सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी हैं। तीनों मामलों को लेकर आरोपियों पर सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर कुल करीब 32 लाख रुपए की ठगी के आरोप सामने आ चुके है। ---
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