राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (RUHS) हॉस्पिटल को सरकार भले ही रिर्म्स की तर्ज पर विकसित करने जा रही हो, लेकिन यहां मौजूदा मैनेजमेंट इतना खराब है कि छोटी-छोटी बातों के लिए मरीजों को खासा परेशान होना पड़ता है। हॉस्पिटल में रविवार देर शाम से सोमवार दिन तक पानी नहीं आया। हॉस्पिटल में पानी, बिजली समेत अन्य रखरखाव का काम देख रहे इंचार्ज से पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ ने भी बात करने की कोशिश की, लेकिन उनका भी कोई रिप्लाई नहीं आया। एक भर्ती मरीज के परिजन ने बताया- रविवार शाम से यहां वॉशरूम, टॉयलेट समेत अन्य जगहों पर पानी आना बंद हो गया। इसके बाद सोमवार सुबह करीब 10 बजे तक यही स्थिति रही। ओपीडी शुरू होने के बाद जब मैनेजमेंट को पता चला, तब जाकर पानी की सप्लाई शुरू की गई। हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया- जो व्यक्ति मेंटिनेंस और मोटर चलाने का काम देखता है। वह कल बिना बताए छुट्टी पर चला गया और पानी सप्लाई की मोटर चालू नहीं हुई। आज सुबह जैसे हमें पता चला कि हमने मोटर चालू करवाकर पानी की सप्लाई शुरू करवाई। वहीं इस मामले पर हमने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ एक्शन भी लेने का निर्णय किया है। MOIC प्रकरण से रहे बेखबर हॉस्पिटल में पानी सप्लाई, सफाई, बिजली सप्लाई समेत अन्य रखरखाव का जिम्मा संभाल रहे मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज (MOIC) डॉ. राम राय शर्मा इस प्रकरण से बेखबर रहे। एक स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने इस संबंध में MOIC को फोन भी किया, लेकिन उन्होंने कल फोन तक नहीं उठाया। हॉस्पिटल में पीने का साफ पानी तक नहीं RUHS में पीने के पानी तक की कोई व्यवस्था नहीं है। स्टाफ के लोगों ने कहा- यहां लगी आरओ मशीनें खराब हैं। इस कारण हम या तो घर से पानी बोतल भरकर लाते हैं, या बाहर से खरीदकर पीते हैं। यहां ओपीडी में आने वाले मरीज और भर्ती मरीजों को भी बाहर से बोतल खरीदकर लानी पड़ती है।