सलूंबर दिगंबर जैन समाज के पर्युषण पर्व के समापन के उपलक्ष्य में सलूंबर में दो दिवसीय भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार रात शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर माना की सेर से रजत पालकी में श्रीजी को विराजित कर रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। रथयात्रा आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंची, जहां बीसा नागदा दिगंबर जैन समाज की ओर से श्रीजी की प्रतिमा को रजत रथ तथा जिनवाणी को काष्ठ रथ में विराजित किया गया। काष्ठ कला से निर्मित रथों को चांदी के छत्रों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था। रथों में विराजमान जिनेंद्र देव के दर्शन के लिए मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। नागदा बाजार से गंगारी की बावड़ी तक शोभायात्रा रथयात्रा नागदा बाजार, बोहरवाड़ी सहित प्रमुख मार्गों से होती हुई आजाद मोहल्ले में गंगाजी की बावड़ी तक पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने आरती उतारी, पुष्पवर्षा की और भगवान को अर्घ्य चढ़ाए। रात्रि में गंगा की बावड़ी, छोटे गणपति मंदिर के पास रथयात्रा का विश्राम हुआ। यहां भी श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। दूसरे दिन सेरिंग तालाब पर होगी पूजा-अर्चना सोमवार शाम 5 बजे से रथयात्रा पुनः शुरू होगी। माहेश्वरी भवन होते हुए रावलीपोल में महिला, पुरुष और बच्चों द्वारा डांडिया खेला जाएगा। इसके बाद रथयात्रा सेरिंग तालाब पहुंचेगी, जहां श्रीजी की पूजा-अर्चना एवं आरती की जाएगी। यहां भी श्रद्धालुओं द्वारा डांडिया कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके बाद रथयात्रा पुनः आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचेगी। मंदिर में पुण्यार्जक परिवार की ओर से श्रीजी की भव्य आरती की जाएगी। पूजन और अर्घ्य चढ़ाए रथयात्रा के दौरान पूरे नगर में धार्मिक उल्लास देखने को मिला। समाज के महिला-पुरुष, युवा और बच्चे भक्ति गीतों पर झूमते हुए रथयात्रा में शामिल हुए। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। दो दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में सलूंबर दिगंबर जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु और प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए।