मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के 15 साल पूरे होने पर सलूंबर के होटल पृथ्वी पैलेस में जिला स्तरीय फार्मासिस्ट सम्मेलन हुआ। राजस्थान फार्मासिस्ट संघ, जिला सलूंबर की ओर से आयोजित सम्मेलन में योजना के संचालन में फार्मासिस्टों की भूमिका पर चर्चा हुई। इस दौरान भरत मेहता को सर्वसम्मति से राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ (एकीकृत), जिला सलूंबर का पुनः जिलाध्यक्ष निर्वाचित किया गया। सम्मेलन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.महेंद्र कुमार परमार, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.विष्णु दयाल मीणा, बीसीएमओ डॉ.संपत मीणा एवं डॉ.पुष्पेंद्र सिंह, आयुर्वेद विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र जोशी और नर्सिंग जिलाध्यक्ष कुलदीप मोड़ अतिथि के रूप में शामिल हुए।अतिथियों ने नवचयनित फार्मासिस्टों का स्वागत किया और योजना के सफल संचालन में योगदान देने वाले कर्मचारियों की सराहना की। 15 साल से आमजन को मिल रही निशुल्क दवाएं अक्टूबर 2011 में शुरू हुई मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल रही है। सम्मेलन में अधिकारियों ने कहा कि योजना का लाभ जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाने में फार्मासिस्टों की भूमिका अहम है। चिकित्सा संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों को समय पर दवाएं उपलब्ध कराने में फार्मासिस्ट महत्वपूर्ण कड़ी हैं। डॉ.पुष्पेंद्र सिंह और डॉ.जितेंद्र जोशी ने भी चिकित्सा व्यवस्था में फार्मासिस्टों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।उन्होंने कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए योजना को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। 1800 से अधिक प्रकार की दवाएं उपलब्ध जिलाध्यक्ष भरत मेहता ने बताया- निशुल्क दवा योजना से रोजाना लगभग 16 करोड़ मरीज लाभान्वित होते हैं।राज्य सरकार इस योजना पर करीब 1300 करोड़ रुपए सालाना खर्च करती है। योजना के तहत 1800 से अधिक प्रकार की दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने में फार्मासिस्टों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। खुशाल सिंह, आरपीए जिलाध्यक्ष ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना फार्मासिस्टों का प्रमुख दायित्व है। रिक्त पद भरने और दवाओं की नियमित आपूर्ति की मांग सम्मेलन में फार्मासिस्टों से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। जिला सचिव अर्जुन मीणा और कोषाध्यक्ष भाविन त्रिवेदी ने चिकित्सा अधिकारियों के सामने फार्मासिस्टों के रिक्त पद भरने तथा चिकित्सा संस्थानों में अनुपलब्ध दवाओं की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि पर्याप्त स्टाफ और दवाओं की उपलब्धता से मरीजों को योजना का पूरा लाभ मिल सकेगा। कार्यक्रम का संचालन घनश्याम चंदेल ने किया। इस अवसर पर प्रशांत उपाध्याय, नर्सिंग ऑफिसर, फार्मासिस्ट नारायण मेघवाल, सुरेखा जोशी, मंजू सुथार, महावीर वया, कमलेश चौबीसा, शुभम शर्मा, दीक्षांत मेहता, रमेश जोशी सहित जिले के अनेक फार्मासिस्ट मौजूद रहे।