सलूम्बर की सल्लाड़ा ग्राम पंचायत में बीलानाम और चरनोट भूमि के आवंटन का ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामवासियों और सर्व समाज ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित आवंटन पर रोक लगाने की मांग की है। उनकी मांग है कि भूमि को सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित रखा जाए और किसी एक समाज के नाम आवंटित न किया जाए। ज्ञापन में बताया गया कि सल्लाड़ा ग्राम पंचायत में माताजी मंदिर के पास पूर्व दिशा में सर्व समाज का सदियों पुराना नीलकंठ महादेव मंदिर है। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर से जुड़ी भूमि राजस्व रिकॉर्ड में बीलानाम और चरनोट के रूप में दर्ज है। यह भूमि गांव के मवेशियों के चारे, सार्वजनिक उपयोग और भविष्य की सामुदायिक जरूरतों के लिए जरूरी है। पटेल समाज को भूमि देने के आश्वासन का विरोध ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि हाल ही में राज्य के मंत्री के सल्लाड़ा आने पर हुई बैठक में पटेल समाज को यह भूमि आवंटित करने और किस्म परिवर्तन करवाने का मौखिक आश्वासन दिया गया। ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि किसी एक समाज के पक्ष में आवंटित नहीं होनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी माताजी मंदिर के पास की कुछ भूमि पटेल समाज के खाते में दर्ज और आवंटित होने की बात सामने आई थी। अब शेष चरनोट भूमि के आवंटन की आशंका को देखते हुए सर्व समाज ने विरोध दर्ज कराया है। ज्ञापन में लगाए गए आरोपों और मौखिक आश्वासन पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। सर्व समाज ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में मांग की कि संबंधित आराजी संख्या की चरनोट भूमि का किसी भी स्थिति में किस्म परिवर्तन न किया जाए। साथ ही इसे किसी एक जाति या समाज के नाम आवंटित न किया जाए।