करौली के सपोटरा में 26 सितंबर को हुए हमले में गंभीर रूप से घायल रूपलाल बैरवा (38) की जयपुर के एसएमएस अस्पताल में शुक्रवार को सात दिन बाद मौत हो गई। मौत की सूचना के बाद सर्व समाज के लोगों ने सपोटरा में धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी, परिवार को मुआवजा और सुरक्षा समेत कई मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। दुबई से लौटे, अगले दिन हुआ हमला रूपलाल 25 सितंबर को दुबई से अपने घर लौटे थे। अगले दिन 26 सितंबर की शाम करीब 7:15 बजे बोलेरो सवार कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल रूपलाल को उपचार के लिए जयपुर रेफर किया गया था, जहां सात दिन बाद उनकी मौत हो गई। दो आरोपी गिरफ्तार, एक अन्य की गिरफ्तारी की मांग पुलिस ने मामले में 27 सितंबर को मानजी उर्फ मानसिंह और सोनू उर्फ शिवकेश मीणा को गिरफ्तार किया था। हालांकि, प्रदर्शनकारी एक अन्य संदिग्ध की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। परिवार की सुरक्षा और बच्चों की शिक्षा की मांग धरने पर बैठे लोगों ने मृतक के परिवार को मुआवजा, सुरक्षा, सरकारी नौकरी और बच्चों की मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग रखी है। इसके साथ ही मामले की फास्ट ट्रैक सुनवाई कराने की मांग भी की जा रही है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम, पूर्व मंत्री भी धरने में पहुंचे रूपलाल की मौत के बाद पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया। वहीं, पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा ने भी धरने का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा।