सीकर में सालासर रोड पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथाव्यास इंद्रेश उपाध्याय ने भागवत कथा को वेदों का फल बताया। कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रसंग में कथाव्यास इंद्रेश उपाध्याय ने कहा- इंसान को आगे बढ़ना चाहिए, लेकिन ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए। ईर्ष्या करने का मतलब है कि आपके सामने वाला अधिक श्रेष्ठ है। वहीं कथा में शुक्रवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला भी पहुंचे। पूर्व मंत्री बीडी कल्ला और सीकर विधायक राजेंद्र पारीक ने भागवत भगवान को धोक लगाई और कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय का दुपट्‌टा ओढ़ाकर स्वागत किया। इंद्रेश उपाध्याय बोले- भगवान का नाम ही छलयुग में सबसे बड़ा सहारा वहीं इंद्रेश उपाध्याय ने कहा- भगवान का नाम ही छलयुग में सबसे बड़ा सहारा है। चारों वेद पेड़ हैं और भागवत उन पेड़ों का फल है। जब भी समय मिले संकीर्तन करना चाहिए। कथा के दौरान अनुभव जैन, संजय मोर, दिनेश बियाणी, सुशील माटोलिया, अमित चिरानिया आदि ने कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय का सम्मान किया। वहीं पूर्व मंत्री बीडी कल्ला के पहुंचने पर मुकेश शर्मा, राहुल तिवाड़ी, नरपत सिंह शेखावत, जितेंद्र सैन ने उन्हें फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। 7 अक्टूबर तक होगी कथा इंद्रेश उपाध्याय ने बताया- कथा के तीसरे दिन प्रहलाद चरित्र व वामन अवतार, चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव (नंदोत्सव), पांचवे दिन गोवर्धन लीला महोत्सव, छठे दिन भगवान कृष्ण-रुक्मिणी विवाह महोत्सव और सातवें दिन सुदामा चरित्र व शुकदेव पूजन की कथा के साथ सजीव झांकियां सजाई जाएंगी। 7 अक्टूबर तक रोज दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कथा होगी। कथा के दौरान रोजाना विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। कथा में महिला-पुरुषों के लिए अलग-अलग बैठक व्यवस्था रहेगी। बुजुर्ग और दिव्यांगों के आने-जाने के लिए ई-रिक्शा चलेंगे। भागवत कथा में आने-जाने के लिए सीकर शहर समेत आसपास के गांवों से भी गाड़ियों की व्यवस्था की गई है।