राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही के निर्देश पर सिरोही जिले के ग्राम ऊड में एक विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की 60 दिवसीय मेगा ड्राइव का हिस्सा था। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही की सचिव सावित्री आनंद निर्भीक ने इसका आयोजन किया। शिविर में ग्रामीणों और छात्रों को 60 दिवसीय मेगा ड्राइव के उद्देश्यों और विभिन्न विधिक सेवाओं से अवगत कराया गया। सचिव ने बताया कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के पात्र व्यक्तियों तक निःशुल्क विधिक सहायता और न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके तहत साप्ताहिक शिविरों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें विधिक सेवाओं से जोड़ा जाएगा। शिविर में ग्रामीणों और विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें बाल-अनुकूल विधिक सेवाएं, मानसिक बीमारी और बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए सेवाएं, वरिष्ठ नागरिकों और श्रमिकों हेतु विधिक सेवाएं शामिल थीं। इसके अतिरिक्त मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुंच, वीर परिवार सहायता योजना और गरीबी उन्मूलन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। उन्हें बाल विवाह की रोकथाम, बच्चों के अधिकार, महिला एवं बाल सुरक्षा, निःशुल्क विधिक सहायता और अन्य आवश्यक कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया गया। छात्रों को बाल विवाह उन्मूलन में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। इस आयोजन के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही कार्यालय में सचिव सावित्री आनंद निर्भीक की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें ग्राम ऊड के सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी और दोनों राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य शामिल हुए। बैठक में मेगा ड्राइव के तहत ग्राम में होने वाले आगामी कार्यक्रमों, विशेषकर स्कूलों में छात्रों के साथ आयोजित होने वाले विधिक जागरूकता कार्यक्रमों की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।