उदयपुर के सूरजपोल इलाके में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने 48 घंटे के भीतर दूसरी बार कार्रवाई की। वी-मार्ट के बाहर बने अवैध चबूतरे को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। इस जगह पर दिनभर जाम की समस्या बनी रहती थी। दो दिन के भीतर सूरजपोल इलाके में उदयपुर नगर निगम की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इस कार्रवाई का सीधा असर सूरजपोल चौराहे की यातायात व्यवस्था पर पड़ेगा, जिससे रोजाना भीषण जाम की समस्या से जूझने वाले हजारों वाहन चालकों और राहगीरों को आवाजाही में बड़ी राहत मिलेगी। 48 घंटे में दूसरी बार कार्रवाई, क्षेत्र में मचा हड़कंप सूरजपोल इलाका उदयपुर का प्रमुख कॉमर्शियल सेंटर है, जहां रोजाना सुबह से लेकर देर रात तक वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। दो दिन पहले भी नगर निगम की टीम ने इस क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। हालांकि, वी-मार्ट के बाहर बना पक्का चबूतरा हटने से रह गया था, जो मुख्य मार्ग की चौड़ाई को कम कर रहा था। रविवार को जब निगम का पीला पंजा अचानक दोबारा मौके पर पहुंचा तो आसपास के दुकानदारों और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। निगम कर्मियों ने बिना किसी देरी के अवैध चबूतरे को ध्वस्त कर दिया। क्यों नासूर बन चुकी थी सूरजपोल में जाम की समस्या? सूरजपोल चौराहे और आसपास की सड़कों पर लगातार बढ़ते अस्थाई और स्थाई अतिक्रमण के कारण सड़क का काफी हिस्सा घिर जाता है। वी-मार्ट जैसे बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान के बाहर चबूतरा होने से यहां गाड़ियां खड़ी करने और मुड़ने में भारी परेशानी होती थी। इसके चलते पीक आवर्स (व्यस्त समय) में यहां कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता था। फुटपाथ पर अतिक्रमण के कारण राहगीरों को जान जोखिम में डालकर सड़क के बीच में चलना पड़ता था। निगम की चेतावनी- दोबारा अतिक्रमण पर होगी जब्ती और जुर्माना नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि सूरजपोल को जाम मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कार्रवाई के बाद किसी भी व्यापारी या संस्थान ने दोबारा सड़क पर कब्जा करने या अवैध निर्माण की कोशिश की तो उनका सामान जब्त किया जाएगा और भारी जुर्माना वसूलने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।