झुंझुनूं में बिसाऊ तहसील के टांई गांव में नाथ आश्रम मठ की जमीन के कथित बेचान और रजिस्ट्री का मामला सामने आया। रजिस्ट्री के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन कर विरोध जताया। ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर संबंधित रजिस्ट्री को निरस्त करने, राजस्व रिकॉर्ड की जांच कराने और पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि नाथ आश्रम मठ से जुड़ी भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में कथित रूप से हेरफेर और कांट-छांट कर भूमि का नाम बदला गया। इसके बाद 26 सितंबर को भूमि का विक्रय पत्र सुगनाराम, निर्मला, सुभिता और जगदीश प्रसाद के पक्ष में किया गया। ग्रामीणों ने इस रजिस्ट्री की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विक्रम संवत 1824 में भूमि दान में मिलने का दावा सेवानिवृत्त एएसपी राजेंद्र सिंह ने बताया- टांई गांव में प्राचीन नाथ आश्रम मठ स्थापित है। विक्रम संवत 1824 में शिव मंदिर की भोग व्यवस्था के लिए करीब 1500 बीघा भूमि दान में दी गई थी। भूमि दान से संबंधित ऐतिहासिक ताम्रपत्र भी मौजूद है। इतनी पुरानी धार्मिक एवं मंदिर माफी भूमि के संबंध में राजस्व रिकॉर्ड और पुराने दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा- ग्रामीण इसी मामले को लेकर विरोध कर रहे हैं और संबंधित रजिस्ट्री को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप- रिकॉर्ड में कांट-छांट कर बदला नाम ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में कथित तौर पर कांट-छांट कर भूमि को वर्तमान में सोमनाथ के नाम दर्ज किया गया। इसके बाद 26 सितंबर को चार लोगों के पक्ष में विक्रय पत्र बनाया गया। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि अगर भूमि मंदिर माफी अथवा धार्मिक संस्था से संबंधित है तो उसका विक्रय किस आधार पर किया गया? ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि भूमि की रजिस्ट्री से पहले मौके की स्थिति और पुराने राजस्व रिकॉर्ड की पर्याप्त जांच एवं तस्दीक की गई या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए। महंत बोले- आश्रम की जमीन बिकने नहीं देंगे नाथ आश्रम के महंत योगी रविनाथ ने कथित बेचान को गलत बताते हुए मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा- आश्रम की भूमि को किसी भी सूरत में बिकने नहीं दिया जाएगा। महंत योगी रविनाथ ने जिला कलेक्टर और राज्य सरकार से मामले में तत्काल संज्ञान लेने और संबंधित अधिकारियों से जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा-धार्मिक एवं आश्रम की भूमि से जुड़े मामले में समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा। तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने तहसीलदार पवन कुमार को ज्ञापन सौंपकर कथित रजिस्ट्री को निरस्त करने, राजस्व रिकॉर्ड की जांच कराने और भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि मामले का जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। महंत योगी रविनाथ ने बताया- आश्रम की भूमि का कथित बेचान गलत है। जिला प्रशासन और सरकार तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करे। आश्रम की जमीन को किसी भी सूरत में बिकने नहीं दिया जाएगा। तहसीलदार बिसाऊ पवन कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से ज्ञापन दिया गया है। मामले से संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच नियमानुसार की जाएगी तथा जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।