ग्राम पंचायत थाणू में विकास कार्यों में घटिया सामग्री के उपयोग और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे के आरोपों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर इन मामलों की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच के साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामवासी राजू सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए पहले ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत क्षेत्र में हाल ही में हुए सीसी ब्लॉक, ग्रेवल सड़क और अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी की गई है। इसके अलावा नाड़ी और तलाई क्षेत्र में नियमों के खिलाफ अवैध खुदाई करवाने का भी आरोप है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि विकास कार्यों की जांच सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड तक सीमित न रहे। मौके पर जाकर माप पुस्तिका (MB), स्वीकृत तकनीकी मानकों और बिल-वाउचर का मिलान करते हुए भौतिक सत्यापन करवाया जाए। ग्रामीणों ने जांच पूरी होने तक इन कार्यों के सरकारी भुगतान पर रोक लगाने की भी मांग की है। दूसरे ज्ञापन में ग्रामीणों ने गांव के खसरा नंबर 265 की सार्वजनिक भूमि और गवाई कुएं पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने राजस्व अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाने की मांग की है। उन्होंने मांग की कि टीम मौके पर जाकर सीमाज्ञान और पत्थरगढ़ी करे, ताकि भूमि की वास्तविक सीमा स्पष्ट हो सके। यदि अतिक्रमण पाया जाता है, तो उसे तुरंत हटाया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति और सरकारी धन से जुड़े मामलों में पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।