पंचायतीराज चुनाव-2026 के लिए गुरुवार को लॉटरी के जरिए पंचायतों के वार्डों में पंच पदों के लिए आरक्षण तय किया गया। उपखंड स्तर पर आयोजित लॉटरी प्रक्रिया के दौरान उदयपुरवाटी की पापड़ा पंचायत में अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां के वार्ड नंबर 5 (राजस्व ग्राम कैरोठ) को अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। जबकि एससी वर्ग का एक भी मतदाता इस वार्ड में नहीं है। स्थानीय मतदाताओं ने इस आरक्षण पर विरोध जताते हुए इस पर पुनर्विचार की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर कोर्ट में जाने और मतदान के बहिष्कार की चेतावनी भी दी है। ग्रामीणों का दावा है कि वर्तमान परिसीमन और मतदाता सूची के अनुसार वार्ड नंबर 5 में एससी वर्ग का एक भी मतदाता नामांकित नहीं है। इसके बावजूद लॉटरी प्रक्रिया में इस वार्ड को एससी वर्ग के लिए आरक्षित घोषित कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जब वार्ड में एससी वर्ग का कोई मतदाता ही नहीं है, तो प्रत्याशी का चुनाव कैसे होगा? लॉटरी पर पुनर्विचार की मांग को लेकर वार्ड के लोगों ने प्रदर्शन भी किया। उल्लेखनीय है कि पंचायतीराज चुनाव-2026 की तैयारियों के तहत 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण के लिए लॉटरी प्रक्रिया अपनाई गई थी। लॉटरी प्रक्रिया के विरोध में प्रदर्शन के दौरान समाजसेवी रामचंद्र मीणा, रामप्रसाद, रामनिवास, राजेंद्र प्रसाद, शिशपाल, बाबूलाल, हजारी प्रसाद, रघु, जगदीशप्रसाद आदि ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी जायज आपत्ति पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि मांग पूरी न होने पर वे आगामी पंचायतीराज चुनाव का पूर्ण बहिष्कार करेंगे और न्याय के लिए कोर्ट की शरण लेंगे। एसडीएम को सौंपा विरोध पत्र : मामले को लेकर कैरोठ व पापड़ा के ग्रामीणों ने एकजुट होकर उदयपुरवाटी एसडीएम को विरोध पत्र व प्रार्थना पत्र सौंपा। इसमें ग्रामीणों ने वार्ड के वास्तविक मतदाता आंकड़ों और धरातलीय स्थिति के आधार पर लॉटरी प्रक्रिया के पुनः परीक्षण की मांग की है। साथ ही नियमानुसार आवश्यक सुधार करते हुए वार्ड नंबर 5 के आरक्षण पर पुनर्विचार करने की मांग भी की गई है।