लंबे समय से की जा रही मांग के बाद गत 3 अक्टूबर से शुरू हुई उदयपुर-सूरत वंदे भारत एक्सप्रेस को यात्रियों का जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है। राजस्थान और गुजरात के बीच आवाजाही को आसान बनाने वाली यह ट्रेन अपने पहले ही दिन से 90 फीसदी से अधिक यात्रीभार के साथ पटरी पर दौड़ रही है। शुरुआती दो हफ्तों का आलम यह है कि एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब ट्रेन में सीटें खाली मिली हों। यात्रियों के इस रुझान को देखते हुए सूरत मार्ग पर चलने वाली निजी बसों को भी मजबूरन अपना किराया कुछ कम किया है, लेकिन फिलहाल कोई ट्रेवल्स इसे खुलकर नहीं बता रहा। ट्रेन में कुल 6 सामान्य चेयरकार कोच हैं। प्रत्येक में 78-78 सीटें हैं। इसके अलावा 1 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच है, जिसमें 56 आरामदेह और दूर-दूर लगी कुर्सियां हैं। सामान्य चेयरकार का किराया 1,460 तथा एग्जीक्यूटिव क्लास का किराया 2,670 तय किया गया है। इस किराए में यात्रियों के लिए नाश्ता और भोजन (कैटरिंग) की सुविधा शामिल है। आगामी दिनों के लिए भी टिकटों की भारी मांग है। 14 और 15 तारीख को एग्जीक्यूटिव क्लास में 6-6 की वेटिंग चल रही है। हालांकि अभी चेयर कार में वेटिंग नहीं है, लेकिन नवरात्र के कुछ ही दिनों में ये इसमें वेटिंग शुरू होने की संभावना बताई जा रही है। अरावली की वादियों के मनमोहक नजारे यात्री शामलाजी से आगे हिम्मतनगर क्षेत्र में अरावली की पहाड़ियों और प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ उठा रहे हैं। ट्रेन की बोगियों में लगी शीशे की खिड़कियां यात्रियों के सफर के अनुभव को खास और आनंददायक बना रही हैं। नवरात्र से लेकर दीपावली तक उदयपुर में पर्यटकों का बूम देखने को मिलेगा। ऐसे में इस रूट पर यात्रीभार में और अधिक बढ़ोतरी होगी।