टोंक नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 59 वार्डों में से स्पष्ट बहुमत के साथ 32 सीटों पर जीत मिल चुकी है। कोई टूट फूट नहीं हुई तो आंकड़ों के हिसाब से टोंक नगर परिषद में कांग्रेस का चेयरमैन बनना तय है। क्योंकि बीजेपी सभी जीतकर आए 8 निर्दलीय पार्षदों को भी अपनी ओर ले जाती है तो भी बहुमत का आंकड़ा छू नहीं पाएगी। फिर भी बीजेपी के पास 27 पार्षद ही होते है। जबकि कांग्रेस स्पष्ट बहुमत पार कर बोर्ड बनाने की तैयारी में है। अगर इस बार भी कांग्रेस अपना चेयरमैन बनाने में सफल रही तो इस बोर्ड पर लगातार दूसरी बार कांग्रेस का चेयरमैन बनेगा। निवर्तमान चेयरमैन अली अहमद है। जिनका कार्यकाल खत्म हो गया है। सभापति पद की दौड़ में सबसे आगे ये 5 प्रमुख दावेदार कांग्रेस पार्टी को टोंक नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत मिलने में बाद में चेयरमैन बनने की है तो पांच नाम ऐसे जो चेयरमैन के प्रबल दावेदार है। इनमें वार्ड 17 से जीते मोइनुद्दीन निजाम, वार्ड 33 से जीते सुनील बंसल, वार्ड 53 से मयंक गोयल, वार्ड 25 से जीती गायत्री चौरसिया, और पांचवां नाम वार्ड 27 से जीते अकबर खान है ये पांच नाम ऐसे है जिनकी चेयरमैन की दावेदारी के कयास लोग लगा रहे है। नवनिर्वाचित पार्षदों के बीच सभापति पद के लिए मंथन शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारों में जिन पांच प्रमुख चेहरों के नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनका प्रोफाइल और राजनीतिक वजन इस प्रकार है: वार्ड नंबर 17 से मोइनुद्दीन निजाम मोइनुद्दीन निजाम वार्ड नंबर 17 से चुनाव जीतने वाले मोइनुद्दीन निजाम ने इस चुनाव में 1190 मत मिले है। उन्होंने निर्दलीय अशरफ अली को हराया है। अशरफ अली को 1065 वोट मिले है। इस वार्ड में बीजेपी के आबिद को महज 36 वोट मिले है। इस वार्ड में 2671 मत डले है। 8 मत नोटा में भी दिए हैं। इनकी चेयरमैन की दावेदारी का पक्ष इसलिए मजबूत है कि ये शहर के बड़े बीडी कारोबारी है। इनके दादा स्व. ईद मोहम्मद भी अपने जमाने में तत्कालीन टोंक नगर पालिका के चेयरमैन रहे है। वहीं उनके बड़े भाई स्वर्गीय अजमल भी दो बार चेयरमैन रहे है। सुनील बंसल ने बीजेपी प्रत्याशी काे हराया कांग्रेस के सुनील बंसल ने वार्ड 33 से जीत हासिल की है। इन्हें 456 मत मिलें है, जबकि बीजेपी प्रत्याशी नरेश को महज 216 मत मिले है। इनकी एक तरफा जीत हुई है, सुनील बंसल तीसरी बार पार्षद बने है। अभी दूसरी बार लगातार पार्षद बने है। ये कॉलेज की छात्र राजनीति से चलकर आगे बढ़े हैं। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता समेत अन्य पदों पर रह चुके हैं। मयंक गोयल की शानदार जीत मयंक गोयल वार्ड 53 से मैदान में उतरकर शानदार जीत हासिल की है। पार्टी के भीतर इनके परिवार की मजबूत पकड़ है। इनके दादा स्व. आत्माराम गोयल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहे है। इन्हें 1125 वोट मिले है, जबकि इनके सामने हारने वाले बादल साहू को 757 वोट मिले है। इनके वार्ड में 6 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। गायत्री चौरसिया तीसरी बार पार्षद बनी गायत्री चौरसिया वार्ड 25 से जीत दर्ज करने वाली गायत्री चौरसिया भी चेयरमैन की महिला कैंडिडेट के रूप में बड़ी दावेदार है। सक्रिय कार्यकर्ताओं में गिनी जाती हैं। यह तीसरी बार पार्षद बनी है। निवर्तमान कार्यकाल से पहले पार्टी ने इन्हें चेयरमैन के लिए सिंबल भी दिया था, लेकिन उस समय बीजेपी की लक्ष्मी देवी जोड़तोड़ से चेयरमैन बनी थी। महिला को पार्टी चेयरमैन बनाने की सोचती है तो ये चेहरा प्रमुख रूप से उभर कर सामने आता है। अकबर खान सबसे चर्चित चेहरा अकबर खान वार्ड 27 से जीते अकबर खान भी कांग्रेस का चिरपरिचित चेहरा है। सचिन पायलट का जब भी टोंक दौरा बनता है तो सबसे ज्यादा समर्थकों भी भीड़ माला लेकर इनके नेतृत्व में पायलट का स्वागत करने के लिए खड़ी रहती है। समाजसेवी है। रेल लाओ संघर्ष समिति के संयोजक भी है। समय समय पर टोंक में रेल लाने के लिए आंदोलन करते रहते है। इनके वार्ड से कुल 1999 मत पड़े है। इनमें से इन्हें 1204 वोट मिले है। दूसरे नंबर पर निर्दलीय फिरोज मियां को 309 मत मिले है।