बॉलीवुड अभिनेत्री और लेखिका ट्विंकल खन्ना सोमवार को दो दिन के जयपुर दौरे के बाद मुंबई के लिए रवाना हो गईं। वे जयपुर में लग्जरी ज्वेलरी ब्रांड बुल्गारी के पहले वैश्विक दिवाली अभियान ‘पासिंग द लाइट’ से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। जयपुर के सिटी पैलेस में आयोजित इस विशेष आयोजन में भारतीय कला, संस्कृति और परंपराओं को समकालीन अंदाज में प्रस्तुत करने पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में लेखक और बिजनेसमैन सुहेल सेठ ने भी शिरकत की। इस आयोजन का केंद्र बुल्गारी का दिवाली अभियान ‘पासिंग द लाइट’ रहा, जिसे भारतीय कलाकार डॉयल जोशी के सहयोग से तैयार किया गया है। अभियान के माध्यम से भारतीय संस्कृति, कला और रोशनी के प्रतीकात्मक महत्व को सामने लाने का प्रयास किया गया है। इसकी विशेष प्रस्तुति जयपुर सेंटर फॉर आर्ट में आयोजित की गई।
भारतीय संस्कृति को समझने और प्रस्तुत करने पर जोर अभियान के उद्घाटन से पहले आयोजित पैनल चर्चा में ट्विंकल खन्ना ने भारतीय कला और संस्कृति को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय कला और परंपराओं को सही समझ और सम्मान के साथ प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण है। चर्चा में इस बात पर भी विचार हुआ कि भारत को अपनी कला और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करने की दिशा में और प्रयास करने चाहिए। ट्विंकल खन्ना ने परंपराओं के अपने जीवन में महत्व और भारतीय सांस्कृतिक पहचान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी बात की। कार्यक्रम के दौरान वे आयोजकों और अन्य वक्ताओं के साथ मंच पर मौजूद रहीं और दर्शकों से रूबरू हुईं। पैनल चर्चा में उनके विचारों ने भारतीय संस्कृति को लेकर चल रही बातचीत को एक नया संदर्भ दिया।
कलाकार डॉयल जोशी के साथ तैयार हुआ अभियान ‘पासिंग द लाइट’ अभियान को भारतीय कलाकार डॉयल जोशी के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य दिवाली से जुड़ी रोशनी और सांस्कृतिक परंपराओं को कलात्मक अभिव्यक्ति के जरिए प्रस्तुत करना है। वैश्विक लग्जरी ब्रांडों के भारतीय संस्कृति से जुड़ाव के बीच यह पहल स्थानीय कला और परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयास के रूप में भी देखी जा रही है। पैनल चर्चा में बुल्गारी के मध्य पूर्व, अफ्रीका और भारत के प्रबंध निदेशक स्टेफान लार्हेर, कलाकार डॉयल जोशी और जयपुर सेंटर फॉर आर्ट की सह-संस्थापक नोएल कादर भी शामिल हुईं। चर्चा में ब्रांड, कला और सांस्कृतिक विरासत के बीच संबंधों पर विचार साझा किए गए।
फिल्मों से लेखन तक, ट्विंकल खन्ना ने बनाई अपनी अलग पहचान बॉलीवुड के सुपरस्टार राजेश खन्ना और अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया की बेटी ट्विंकल खन्ना ने अपने करियर की शुरुआत अभिनेत्री के रूप में की थी, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपनी पहचान का दायरा फिल्मों से आगे बढ़ाया। अभिनय के बाद उन्होंने लेखन, किताबों, फिल्म निर्माण और इंटीरियर डिजाइनिंग की दुनिया में अपनी जगह बनाई। अपनी बेबाक राय, व्यंग्यात्मक लेखन और ह्यूमर के लिए पहचानी जाने वाली ट्विंकल खन्ना आज एक अभिनेत्री के साथ-साथ लेखिका और निर्माता के रूप में भी जानी जाती हैं। 2015 में प्रकाशित उनकी पहली किताब ‘मिसेज फनीबोन्स’ को पाठकों के बीच काफी लोकप्रिय रही। इसके बाद उन्होंने ‘द लीजेंड ऑफ लक्ष्मी प्रसाद’, ‘पायजामाज आर फॉरगिविंग’ और ‘वेलकम टू पैराडाइज’ जैसी किताबें लिखीं। साल 2025 में उनकी किताब ‘मिसेज फनीबोन्स रिटर्न्स’ भी चर्चा में रही। लेखन के क्षेत्र में उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई और पाठकों के बीच ‘मिसेज फनीबोन्स’ नाम से लोकप्रिय हुईं।