शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने रविवार को बारां पहुंचकर नरेश मीणा को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। मीणा यहां किसानों की समस्याओं को लेकर पिछले 10 दिन से अनशन कर रहे थे। भाटी ने राजस्थान में युवा नेतृत्व और तीसरे मोर्चे की संभावनाओं पर बात की। किसानों की मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे नरेश मीणा ने रविवार को अपनी मां और विधायक रविंद्र सिंह भाटी के हाथों जूस पीकर अनशन तोड़ा। इस दौरान पूर्व प्रधान संदीप शर्मा, पूर्व सभापति कमल राठौर आदि मौजूद रहे। मीणा ने कहा कि पिछले 10 दिनों में सरकार और जिला प्रशासन के स्तर पर सकारात्मक बातचीत हुई है। कलेक्टर ने मांगों को लेकर आश्वस्त किया है। भाटी भाटी का बारां दौरा ऐसे समय हुआ है, जब स्थानीय स्तर पर पंचायत चुनावों में तीसरे मोर्चे की संभावनाओं को लेकर चर्चा हो रही है। पश्चिमी राजस्थान में सक्रिय भाटी ईडब्ल्यूएस से जुड़े मुद्दों की विसंगतियां दूर कराने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। अब मीणा से उनकी मुलाकात तीसरे मोर्चे के सियासी दखल को लेकर चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, भाटी ने किसी नए राजनीतिक गठबंधन या मोर्चे के गठन की बात नहीं की। जिला अस्पताल में नरेश मीणा से मुलाकात के दौरान भाटी ने कहा कि सरकार के ढाई साल गुजर चुके हैं। जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब देगी। किसानों को खाद, बिजली और सिंचाई का पानी उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। फिर इन मांगों के लिए आमरण अनशन की नौबत क्यों आ रही है। यह व्यवस्था की विफलता है। भाटी ने कहा कि आज विधानसभा और संसद को युवा नेतृत्व की जरूरत है। देश चाहता है कि युवा आगे आएं, जनता से जुड़े मुद्दों पर नेतृत्व करें। प्रतिनिधिमंडल की मांगों को लेकर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। खाद, नहरों में सिंचाई के पानी, वन भूमि पर अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों सहित विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद नरेश मीणा ने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। - रामावतार मीणा, एसडीएम बारां