उदयपुर में सोमवार शाम को दुलावतों का गुड़ा और माताजी का खेड़ा के ग्रामीणों ने नई ग्राम पंचायत बनाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। यहां कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन करते हुए बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखी। ग्रामीणों ने कहा- दोनों राजस्व गांवों के 200 से अधिक लोगों ने 12 फरवरी 2025 को जिला कलेक्टर को नई ग्राम पंचायत के गठन के लिए ज्ञापन दिया था। इसके बाद 17 अप्रैल 2025 को करीब 300 ग्रामीणों ने दोबारा आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें अब आश्वासन नहीं, बल्कि नई ग्राम पंचायत चाहिए। 8 किलोमीटर दूर मुख्यालय ग्रामीणों के अनुसार- वर्तमान ग्राम पंचायत कड़िया का मुख्यालय करीब 8 किलोमीटर दूर है। पहाड़ी क्षेत्र होने और आवागमन के पर्याप्त साधन नहीं होने से ग्रामीणों को पंचायत संबंधी कार्यों के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने बताया- क्षेत्र में लगभग 70 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति की है। दूरी और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी कठिनाई होती है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपकर मांग पूरी नहीं होने पर आगामी पंचायतीराज, विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मतदान के बहिष्कार की चेतावनी दी। दोनों गांवों के क्षेत्र में 1206 मतदाता ज्ञापन में बताया कि दोनों गांवों के क्षेत्र में 1206 मतदाता हैं, जबकि नजदीकी गोगुंदा पंचायत समिति क्षेत्र में विजयबावड़ी गांच में इससे कम मतदाता होने के बावजूद ग्राम पंचायत का दर्जा दिया है। ग्रामीणों ने इसी आधार पर दुलावतों का गुड़ा और माताजी का खेड़ा को मिलाकर नई ग्राम पंचायत बनाने की मांग की है। इस दौरान गोपाल पालीवाल, रामसिंह दुलावत, भूरसिंह दुलावत, हिम्मत सिंह दुलावत, कुंदन सिंह, माना राम गमेती, नोजा राम गमेती, रतन लाल मेघवाल, मनोहर सिंह आदि मौजूद रहे।