उदयपुर के उमरड़ा खेड़ा गांव में बुधवार (26 अगस्त) सुबह लेपर्ड ने महिला समेत 5 लोगों पर हमला कर दिया। लेपर्ड आबादी क्षेत्र के पास घात लगाकर बैठा था। सुबह ग्रामीण घरों से बाहर निकले तो लेपर्ड उन पर झपट पड़ा। हमले में जग्गा (60) पुत्र कालू मीणा, हितेश (20) पुत्र गंगाराम, कालू (40), महिला लोगरी बाई (45) घायल हुए हैं। लोगों ने दावा किया लेपर्ड जग्गा, हितेश और कालू पर 4 मिनट तक हमला करता रहा। घायलों को उदयपुर के महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। वहीं एमबी अस्पताल में लेपर्ड के हमले से घायल उमरड़ा खेड़ा निवासी लोगर लाल मीणा (45) की बुधवार शाम को मौत हो गई। एमबी अस्पताल में लोगर का इलाज चल रहा था। लेपर्ड ने लोगर पर ही सबसे पहला हमला 25 अगस्त की शाम को किया था। पूरे शरीर को नोचा, शोर मचाने पर भागा उमरड़ा के पूर्व सरपंच गोपाल मीणा ने बताया- पिछले कुछ दिनों से गांव के आसपास लेपर्ड का मूवमेंट है। बुधवार सुबह करीब 6 बजे हुए हमले में लेपर्ड ने एक ग्रामीण के मुंह पर कई वार किए। उसके शरीर के दूसरे हिस्सों को भी बुरी तरह नोच दिया। वहीं, 2 अन्य ग्रामीणों पर भी पंजे से कई वार किए हैं। लेपर्ड करीब चार-पांच मिनट तक तीनों पर वार करता रहा। उनके शोर मचाने और ग्रामीणों के जमा होने पर वो जंगल की तरफ भाग गया। अब देखिए- हमले से जुड़ी PHOTOS घायलों को पलंग पर लिटाकर पहाड़ी से उतारा मीणा ने बताया कि पहाड़ी इलाके में घर होने से वहां गाड़ी नहीं जा पाती। ऐसे में घायलों को पलंग पर लिटाकर नीचे सड़क तक लेकर आए और एक प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से तीनों घायलों को उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल ले गए। हमले की जानकारी के बाद गिर्वा तहसीलदार गणेश कुमार विजयवर्गीय, पटवारी महेंद्र सिंह चौहान भी हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने घायलों से हमले को लेकर जानकारी भी ली। एक दिन पहले भी युवक पर किया था हमला इससे पहले मंगलवार की शाम 6 बजे भी लेपर्ड ने गांव के लोगर लाल मीणा (45) पर भी हमला किया था। लोगर लाल घर के बाहर बैठे थे। इसी दौरान पास में घात लगाकर बैठे लेपर्ड ने अचानक उन पर हमला कर दिया। लोगर लाल के सिर और शरीर पर लेपर्ड ने कई बार पंजा मारा था। उनके शोर मचाने पर लेपर्ड वहां से भाग गया था। घर से बाहर निकलते ही महिला पर हमला किया लेपर्ड के तीन लोगों पर हमले के बाद वन और राजस्व विभाग की टीम ने लोगों को घरों से बाहर जाने के लिए मना किया था, लेकिन दोपहर 1 बजे एक महिला लोगरी बाई (45) पत्नी गंगाराम चारा लेने के लिए निकल गई। इस बीच रास्ते में लेपर्ड ने उस पर हमला कर​ दिया। उसके शोर मचाने पर वन विभाग और राजस्व की टीमों के सदस्य दौड़े तो लेपर्ड वहां से भाग गया। लोगों को घरों से दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी वन विभाग की टीम लेपर्ड का रेस्क्यू करने की तैयारी कर रही है। इस बीच तय किया गया है कि वहां जो करीब 10 घर है, उनमें रहने वाले लोगों को पास के स्कूल या किसी अन्य जगह पर शिफ्ट किया जाएगा। इन घरों में करीब 15 लोग है। इसके बाद वन विभाग वहां रेस्क्यू शुरू करेगा। 1. बच्चे को घर से उठा ले गया था लेपर्ड सवाई माधोपुर दूमोदा गांव में करीब 5 दिन पहले घर में खेल रहे 3 साल के बच्चे को लेपर्ड उठाकर ले गया था। मां ने लेपर्ड के पीछे भागकर इकलौते बेटे दिलखुश को बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सकी। पहाड़ी पर बच्चा लहूलुहान हालत में मिला। ग्रामीण उसे जिला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया था। पूरी खबर पढ़िए… 2. बेट ने बचाई थी मां की जान सवाई माधोपुर के ही टोडरा गांव में 3 अगस्त को लेपर्ड ने घर में सो रही 78 साल की महिला पर अटैक कर दिया था। उसने महिला के सिर-गर्दन को मुंह में दबाया और 10 मीटर तक घसीट ले गया। दीवार फांदकर ले जाने की कोशिश की, लेकिन महिला के बेटे ने हिम्मत दिखाते हुए बचा लिया। पूरी खबर पढ़िए…