उदयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने इस बार शहर में अपना बोर्ड बनाने का दावा किया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ का कहना है कि भाजपा के बोर्ड से जनता परेशान हो चुकी है और अब बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इतने साल राज किया लेकिन पार्टी के नेताओं को सिर्फ सत्ता सुख चाहिए जनता का दु:ख नहीं। दैनिक भास्कर से बातचीत में कांग्रेस अध्यक्ष राठौड़ ने टिकट वितरण की प्रक्रिया, वरिष्ठ नेताओं को चुनाव लड़ाने की रणनीति, शहर के प्रमुख मुद्दों और परिवार से किसी सदस्य के चुनाव लड़ने समेत कई सवालों पर खुलकर जवाब दिए। सवाल: कांग्रेस में टिकट वितरण की प्रक्रिया क्या रहेगी? जवाब: कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए हर वार्ड में प्रभारी, मंडल प्रभारी और ब्लॉक स्तर पर जिम्मेदारियां तय की हैं। मंडल और वार्ड प्रभारी मिलकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी के स्तर पर रिपोर्ट पर चर्चा होगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मार्गदर्शन के अनुसार नाम तय कर पैनल बनाया जाएगा और प्रदेश कांग्रेस को भेजा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने या निर्देश मिलने के बाद टिकट की सूची का ऐलान किया जाएगा। सवाल: टिकट के लिए किस तरह के चेहरों को प्राथमिकता मिलेगी? जवाब: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश हैं कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले और वार्ड में सक्रिय कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाए। मंडल अध्यक्ष, मंडल प्रभारी और ब्लॉक अध्यक्ष मिलकर नामों की छंटनी करेंगे। इसके बाद जिला स्तर पर प्रभारियों के साथ बैठक कर पैनल में से तीन नाम तय किए जाएंगे। सभी नाम प्रदेश कांग्रेस को भेजना संभव नहीं है, इसलिए प्रक्रिया के तहत तीन नामों का पैनल भेजा जाएगा। सवाल: क्या वरिष्ठ नेताओं को भी नगर निगम चुनाव में उतारने की तैयारी है? जवाब: निश्चित रूप से यह प्लान में है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जिन्होंने विधानसभा चुनाव में दावेदारी की थी, उन्हें उनके क्षेत्र में चुनाव लड़ाने का हमारा मन है। अगर उनका वार्ड आरक्षित हो गया है तो आसपास के वार्ड से भी उन्हें चुनाव लड़ाया जा सकता है। इससे कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा और कांग्रेस की जीत का अंतर भी बढ़ेगा। सवाल: कांग्रेस इस बार उदयपुर में बोर्ड बनाने को लेकर कितनी आश्वस्त है? जवाब: इस बार उदयपुर में कांग्रेस अपना बोर्ड बनाने जा रही है। भाजपा लगातार बोर्ड बना रही है, लेकिन जनता अब बदलाव चाहती है। कांग्रेस संगठन पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगा। सवाल: क्या कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारने से टिकट के दूसरे दावेदारों में नाराजगी नहीं होगी? जवाब: पार्टी संगठन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर निर्णय करेगा। हमारा उद्देश्य कांग्रेस को मजबूत करना और जीत सुनिश्चित करना है। जहां वरिष्ठ नेताओं की जरूरत होगी, वहां उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही जमीनी कार्यकर्ताओं को भी प्राथमिकता मिलेगी। सवाल: आपके अनुसार उदयपुर में इस चुनाव के प्रमुख मुद्दे क्या हैं? जवाब: उदयपुर में भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं हुआ। लगातार भाजपा के बोर्ड रहे हैं और भ्रष्टाचार व भाई-भतीजावाद को बढ़ावा मिला है। ठेका प्रथा को बढ़ावा देकर अपने लोगों को ठेके दिलाने के काम हुए हैं। शहर की हालत खराब कर दी गई है। उदयपुर झीलों की नगरी है, लेकिन आज इसे गड्ढों की नगरी बना दिया है। शहर की मुख्य सड़कों पर गड्ढे हैं और कोई देखने वाला नहीं है। सवाल: आप भाजपा बोर्ड पर सबसे बड़ा आरोप क्या लगाते हैं? जवाब: भाजपा को सिर्फ सत्ता सुख चाहिए। जनता की तकलीफ से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। शहर की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। यही कारण है कि जनता इस बार कांग्रेस को मौका देने का मन बना चुकी है। सवाल: आपके परिवार से भी कोई नगर निगम चुनाव लड़ेगा? राठौड़: पार्टी जैसा आदेश देगी, उसकी पालना करूंगा।