भरतपुर के पूर्व राजपरिवार सदस्य और पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस से इस्तीफा देने के संकेत दिए थे, लेकिन उन्होंने अभी तक इस्तीफा नहीं दिया है। विश्वेंद्र सिंह की नाराजगी को दूर करने के लिए कांग्रेस के बड़े नेता उनसे लगातार संपर्क में हैं। साथ ही उनकी नाराजगी को दूर करने के लिए भरतपुर और डीग कांग्रेस जिलाध्यक्ष को भी पद से हटाने की चर्चा है। दरअसल, नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की हार को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने हार का सीधा जिम्मेदार दोनों जिला अध्यक्ष को ठहराया था। साथ ही चुनावों में गलत टिकट बांटने के आरोप भी लगाए थे। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी आरोप लगाए थे कि वे दोनों जिला अध्यक्ष को बचा रहे हैं। भरतपुर और डीग में भाजपा बोर्ड बनने से बढ़ी नाराजगी
भरतपुर नगर निगम सहित 7 नगर पालिकाओं में भाजपा ने अपना बोर्ड बनाया था। वहीं डीग जिला परिषद सहित 5 नगर पालिकाओं में भी बीजेपी का बोर्ड बना था। इसे लेकर ही विश्वेंद्र सिंह ने नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने इसका जिम्मेदार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बताया था। 2008 में कांग्रेस की थी ज्वाइन
बता दें कि विश्वेन्द्र सिंह पहले बीजेपी में थे, फिर साल 2008 में उन्होंने भाजपा छोड़ कांग्रेस जॉइन की थी। अब वह फिर एक बार कांग्रेस से खफा नजर आ रहे हैं। विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की, जिसमें लिखा- मैंने जीवन में हमेशा मेरे इष्ट गिरिराज महाराज और अंतरात्मा की आवाज़ सुन कर ही फैसला लिया है। आज कुछ तथाकथित नेताओं ने जो अनगर्ल बयान दिए हैं, उससे मेरे कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। मेरा भी अंतरमन दुखी और व्यथित है। जिस पार्टी के लिए मैंने मेरा जीवन न्योछावर कर दिया। आज उसी पार्टी ने यदि मेरी निष्ठा, ईमानदारी, कर्तव्य परायणता का यह सिला दिया तो, मैं अंदर से बहुत हिल गया हूं। मैंने हमेशा मान, सम्मान और स्वाभिमान से जीवन जिया है। मेरे उसूल और आदर्शों से कभी कोई समझौता नहीं किया। मैं न गलत करता हूं और न ही सहन करता हूं
विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा- मेरे कार्यकर्ताओं में मौजूदा चापलूसी की परंपरा के कारण आक्रोश है। यदि सच को सच कहना, गलत और झूठ का साथ नहीं देना पाप है तो, मैं इसको हर बार करूंगा। मैं ना गलत करता हूं, न ही गलत सहन करता हूं। मेरा सार्वजनिक जीवन जनता जनार्दन की देन है। मैं इनके लिए ही जीता हूं और इनके लिए ही मरूंगा। मेरे खून का हर कतरा मेरे कार्यकर्ताओं, मेरे मतदाताओं, मेरे क्षेत्र वासियों, प्रदेश वासियों के लिए बहा है और, बहेगा, मेरा सार्वजनिक जीवन खुली किताब है। बेदाग है। मैंने मेरे दामन पर कभी दाग न तो लगने दिया और ना ही लगने दूंगा। ऐसी परिस्थिति में दम घुटने से मरने के बजाय स्वाभिमान की मौत मरना बेहतर है। मेरे पुरखों ने कभी ऐसी चीजों से कभी समझौता नहीं किया उनका अनुसरण करते हुए मैं भी आपको अलविदा कहने में ही अपनी भलाई समझता हूं। मैं शायद अब आपकी गलत रीति नीति के साथ कदमताल नहीं कर पाएंगे। नोटिस का जवाब सोशल मीडिया पर दिया प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति की ओर से पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह को नोटिस भेजा गया है। इसके जवाब में शुक्रवार की देर शाम विश्वेंद्र सिंह ने पोस्ट करते हुए लिखा- आदरणीय आंजना जी पहले आपके नोटिस का जवाब देना चाहिए या पीसीसी चीफ आदरणीय गोविंद सिंह डोटासरा जी ने जो मुझको लेकर बयान दिया है उस पर कोई प्रतिक्रिया देनी चाहिए। वो मुझे अपने बड़े भाई के रूप में देख रहे हैं। दूसरी ओर आपकी कारगुजारी सामने है। आप अपनी कार्यवाही के लिए स्वतंत्र हैं और मैं राजनीतिक भविष्य को लेकर स्वतंत्र हूं। मैं हमेशा मर्यादा और अनुशासन में रहा हूं। उम्र के इस पड़ाव पर शायद मुझे किसी की नसीहत की ज़रूरत नहीं है। ये खबर भी पढ़िए… पूर्व मंत्री विश्वेंद्र बोले-कांग्रेस को अलविदा कहने में ही भलाई:स्वाभिमान की मौत मरना बेहतर; डोटासरा ने कहा- उनका पक्ष सुनकर तकलीफ जानेंगे पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद अब पार्टी छोड़ने के संकेत दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने फिर प्रदेशाध्यक्ष पर निशाना साधा है। पूरी खबर पढ़िए