कस्बे के आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के सप्तम दिन, मंगलवार को, उत्तम तप धर्म की विशेष पूजा-अर्चना की गई। सर्वप्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा की क्रिया की गई। नित्य-नियम पूजा के बाद दशलक्षण मंडल विधान में उत्तम तप धर्म के बारे में बताया गया कि तप भूखे रहने से नहीं, इच्छाओं को मिटाने से होता है। शरीर से पहले मन को भोगों से दूर करें। सच्चे तप की ओर बढ़ें। सच्चा तप वही है, जो मन को संयमित करे। मन और शरीर के बंधनों को तोड़ने से ही सच्ची तपस्या की शुरुआत होती है। सायंकाल महाआरती, प्रश्न मंच, सांस्कृतिक नाट्य का आयोजन किया गया। इस मौके पर अध्यक्ष अनिल कुमार जैन सोनी, राजेन्द्र कुमार सोनी, महेन्द्र कुमार सोनी, मुकेश सोनी, सुरेश सोगाणी, प्रदीप कासलीवाल, मनीष कासलीवाल एवं कुसुम जैन, गुणमाला जैन, सरोज हर्ष जैन, प्रमिला जैन, ललिता काला, रंजू कासलीवाल, संतरा जैन, सुमित्रा कासलीवाल उपस्थित थे।