रणथंभौर नेशनल पार्क के नए पर्यटन सत्र में मॉडल कंडिशन के चलते 109 सफारी वाहन पार्क भ्रमण से बाहर होंगे। वन विभाग वर्ष 2014 मॉडल के सफारी वाहनों को प्रवेश नहीं देगा। 109 सफारी वाहनों के बाहर होने पर अब 458 वाहन ही सफारी के लिए उपलब्ध रहेंगे। उपवन संरक्षक पर्यटन संजीव शर्मा के अनुसार रणथंभौर का नया पर्यटन सत्र 1 अक्टूबर से प्रारंभ होगा। इसके चलते विभाग द्वारा वाहनों की फिटनेस जांच की जा रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार साल 2014 मॉडल यानि 11 साल से ज्यादा पुराने 109 सफारी वाहन (जिप्सी-कैंटर) रणथंभौर में सफारी संचालन से बाहर होंगे। इनमें 84 जिप्सी एवं 25 कैंटर शामिल हैं। ऐसे में रणथंभौर में सफारी के लिए पंजीकृत 567 में से 458 वाहन ही रणथंभौर में सफारी के लिए उपलब्ध रहेंगे। वन विभाग ने नए सफारी वाहनों की फाइल उच्चाधिकारियों को भेजी है। वहां से स्वीकृति के बाद ही रणथंभौर में नए सफारी वाहन पंजीकृत होने की राह खुल सकेगी। पार्क में एक पारी में 90 सफारी वाहन को प्रवेश की अनुमति रणथंभौर नेशनल पार्क में एक पारी में सामान्यतः अधिकतम 90 सफारी वाहन (जिप्सी-कैंटर) को प्रवेश की अनुमति होती है। इसमें एडवांस बुकिंग के जरिए अधिकतम 70 वाहन (44 जिप्सी और 26 कैंटर) शामिल होते हैं। इसके अलावा लगभग 20 जिप्सी तात्कालिक (तत्काल/करेंट) कोटा के तहत बुक की जाती हैं। इस प्रकार प्रत्येक पाली में कुल 90 वाहन पार्क में जाते है। रणथंभौर में पहले पर्यटक वाहनों की मॉडल कंडीशन केवल 5 वर्ष निर्धारित थी। इसके बाद वर्ष 2019 में वन विभाग और एलएसी की बैठक में पर्यटकों की सुविधा और वाहनों की उपलब्धता को देखते हुए जिप्सी व कैंटर की मॉडल कंडीशन में 2 साल का इजाफा किया गया, जिससे यह अवधि बढ़ाकर 7 वर्ष कर दी गई। इसके बाद संचालन अवधि को 9 साल, 11 साल के लिए बढ़ा दिया गया। 11 साल मॉडल कंडीशन पूरी होने पर फिजिक्स वेरिफिकेशन के बाद सफारी वाहन बाहर निकले गए हैं। 109 सफारी वाहनों को मॉडल कंडीशन के अनुसार बाहर निकालने के बाद रणथंबोर में फिलहाल 458 वहां उपलब्ध रहेंगे।