देबारी क्षेत्र में चित्तौड़गढ़ से पिंडवाड़ा हाईवे की ओर जाने वाले वाहनों के लिए एलिवेटेड रोड का काम शुरू हो गया है। इसे हनुमानजी मंदिर के पास से सेपरेटर लीफ के पास होकर पिंडवाड़ा हाईवे पर मिलाया जाएगा। इस पर 16 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके बनने के बाद चित्तौड़गढ़ की तरफ से आने वाले वाहनों को पिंडवाड़ा हाईवे पर जाने के लिए ट्रैफिक के बीच से यू-टर्न नहीं लेना पड़ेगा। इससे शहर की तरफ से आने और जाने वाले रोड पर बार-बार लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। साथ ही हादसों में भी कमी आएगी। इसी क्षेत्र में दाह का खेड़ा-सिंगावतवाड़ा कट पर 10 करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से अंडरपास का निर्माण भी चल रहा है। दोनों प्रोजेक्ट से देबारी क्षेत्र में हाईवे और स्थानीय ट्रैफिक को अलग-अलग रास्ता मिल सकेगा। उदयपुर-चित्तौड़ हाईवे पर रोजाना 40 हजार से ज्यादा वाहनों का दबाव रहता है। देबारी चौराहे से अहमदाबाद हाईवे की ओर करीब 10 हजार और पिंडवाड़ा की ओर करीब 5 हजार वाहन चलते हैं। स्थानीय और हाईवे ट्रैफिक के एक ही कट पर मिलने से यहां दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। अभी ये समस्या: दो तरफा ट्रैफिक में यू-टर्न लेकर गुजरते हैं वाहन देबारी चौराहे से पिंडवाड़ा हाईवे पर जाने के लिए अभी सीधा रास्ता नहीं है। इससे वाहनों को ग्रेट सेपरेटर से 500 मीटर आगे शहर की तरफ आकर कट से घूमकर पिंडवाड़ा हाईवे पर चढ़ना पड़ता है। इसी कट से आसपास की कॉलोनियों के लोग हाईवे पार करते हैं। सिटी से एयरपोर्ट रोड की ओर जाने वाला ट्रैफिक भी इसी तरफ से गुजरता है। ऐसे में कई बार कंटेनर और बड़े ट्रोलों के मुड़ने के दौरान दोनों तरफ जाम लग जाता है। कई वाहन रॉन्ग साइड से तेज रफ्तार भारी वाहनों के बीच से निकलते हैं, इससे हादसों का खतरा बना रहता है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद ट्रैफिक को अलग रास्ता मिलने से इस समस्या से राहत मिलेगी। अंडरपास: खतरनाक कट से पार नहीं करना पड़ेगा हाईवे, क्षेत्र के 50 हजार लोगों को मिलेगा फायदा दाह का खेड़ा-सिंगावतवाड़ा कट पर अंडरपास के लिए रिटेनिंग वॉल, ड्रेन और एक तरफ की सर्विस रोड का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब ट्रैफिक डायवर्ट कर मुख्य अंडरपास की खुदाई शुरू की जाएगी। इससे हाईवे पार करने के लिए लोगों को खतरनाक कट का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। एनएचएआई ने देबारी-अंबेरी सर्विस रोड, नलाफला और माताजी का खेड़ा सहित तीन स्थानों पर अंडरपास के लिए सर्वे पूरा कर लिया है। इनकी स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है। निवर्तमान उपसरपंच चंदन सिंह देवड़ा ने बताया कि एक तरफ निर्माण कार्य चल रहा है, वहीं बिजली के पोल शिफ्ट नहीं होने से सर्विस रोड और ड्रेन का काम प्रभावित हो रहा है। पोल शिफ्ट होने के बाद काम में तेजी आने की उम्मीद है। एलिवेटेड रोड बनने से आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले 50 हजार लोगों को फायदा मिलेगा। क्रॉसिंग पर ट्रैफिक बंद होने से नाकोड़ा नगर आने-जाने वालों को भी राहत मिलेगी। एयरपोर्ट से वीवीआईपी मूवमेंट ज्यादा रहता है उपसरपंच चंदन सिंह देवड़ा ने बताया कि एयरपोर्ट रोड होने के कारण इस हाईवे पर वीवीआईपी मूवमेंट ज्यादा रहता है। प्रोटोकॉल के दौरान देबारी से वीवीआईपी ट्रैफिक को अंबेरी की तरफ मोड़ दिया जाता है, जिससे यहां जाम खुलने में दो घंटे तक लग जाते हैं। एलिवेटेड रोड बनने से इस समस्या से भी राहत मिलेगी और पर्यटकों को फायदा होगा।