शहर में वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ सीएनजी की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इस अब सीएनजी पंपों की क्षमता भी बढ़ानी पड़ रही है। पत्रकार रोड स्थित सीएनजी पंप पर डिस्पेंसर की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 किए जाने के बाद रोज सीएनजी की खपत 15,767 किलो से बढ़कर 23,976 किलो पहुंच गई है। यानी अब इस पंप पर रोज 8,209 किलो सीएनजी की अतिरिक्त खपत होने लगी है। क्षमता बढ़ने के बाद खपत में करीब 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पंप संचालक शुभम शर्मा ने बताया कि अब 6 डिस्पेंसर और कुल 12 नोजल हैं, जिन्हें 24 घंटे संचालित किया जा रहा है। साथ ही दो बूस्टर कंप्रेसर लगाए जाने से गैस का प्रेशर भी बढ़ाया गया है। कंपनी के अनुसार क्षमता बढ़ने के बाद यह पंप प्रदेश में सबसे अधिक सीएनजी देने वाले पंपों में शामिल हो गया है। 34 पंप, 90 डिस्पेंसर से हो रही सप्लाई जयपुर शहर में वर्तमान में करीब 34 सीएनजी पंप हैं। इनमें 5 डोडो पंप शामिल हैं। इन पंपों पर कुल करीब 90 डिस्पेंसर लगाए गए हैं। डोडो पंप पर करीब 26 नोजल 24 घंटे संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद शहर में सीएनजी की मांग लगातार बढ़ रही है। टोरेंट गैस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शैलेश शर्मा ने बताया कि वर्तमान में औसतन करीब 2.25 लाख किलो सीएनजी की रोज खपत है। सप्लाई और मांग के हिसाब से यह आंकड़ा घटता-बढ़ता रहता है। सामान्य तौर पर शहर में रोज 2 लाख से 2.5 लाख किलो तक सीएनजी की खपत हो रही है। रोज 8209 किलो अतिरिक्त खपत पत्रकार रोड पंप के आंकड़े इस बढ़ती मांग को समझने का सीधा उदाहरण हैं। 7 लाख CNG वाहन, 2.5 लाख टैक्सी जयपुर शहर में करीब 7 लाख सीएनजी वाहन होने का अनुमान है। इनमें करीब 2.5 लाख सीएनजी टैक्सियां हैं। यानी शहर में सीएनजी की बड़ी मांग कमर्शियल वाहनों से भी आ रही है। आने वाले समय में वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ सीएनजी की मांग और बढ़ने की संभावना है। मांग 6.50 लाख किलो, उपलब्धता काफी कम टोरेंट गैस के वीपी (ऑपरेशंस) हृदेश कुमार ने बताया कि सीएनजी की अनुमानित मांग करीब 6.50 लाख किलो प्रतिदिन तक है। कंपनी इसी मांग को ध्यान में रखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है। वहीं जीएम (मार्केटिंग) शुभित सक्सेना ने बताया कि जयपुर में सीएनजी वाहनों की संख्या बढ़ रही है। मांग के अनुसार पंपों और उनके इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने का काम किया जा रहा है।