सवाईमाधोपुर | डेकवा गांव में सरसों के कट्टों के पास एक कोबरा सांप बेहोशी की अवस्था में मिला। सूचना मिलते ही रणथंभौर की रेस्क्यू टीम के कुलदीप मौके पर पहुंचे और कोबरा को रेस्क्यू किया। इसके बाद उपचार के लिए रणथंभौर टाइगर रिजर्व के वन्य जीव चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उपचार किया गया। डेकवा गांव में एक घर में सरसों के कट्टे रखे थे, वहीं घरवालों ने चूहे मारने का पाउडर भी डाल रखा था। इसके संपर्क में आने से कोबरा की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे रेस्क्यू टीम के सदस्य ने सांप को रेस्क्यू कर उपचार के लिए वन्यजीव चिकित्सालय पहुंचाया। वेटेनरी चिकित्सक सी.पी. मीणा ने कोबरा सांप के स्वास्थ्य की जांच की। दो दिन तक चले उपचार और निगरानी के बाद कोबरा अब स्वस्थ हो गया। वन्यजीव रेस्क्यू टीम ने लोगों से अपील की कि घरों और गोदामों में चूहे मारने वाले जहरीले पदार्थ खुले में नहीं डालें। इससे वन्यजीवों के साथ अन्य पशु-पक्षियों को भी नुकसान पहुंच सकता है।