विद्यार्थियों को अपहरण, बाल तस्करी और शोषण से बचाने के लिए मंगलवार को जिले के अलग-अलग स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर लगाए गए। न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों से कहा कि वे अजनबी के किसी प्रलोभन में न आएं, संदिग्ध स्थिति में साफ मना कर तुरंत दूर जाएं और इसकी जानकारी परिजन या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को दें। स्कूल, ट्यूशन सेंटर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और खेल मैदान जैसी जगहों पर भी सतर्क रहने की सलाह दी गई। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर ये शिविर ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे कार्यक्रम के तहत लगाए गए। प्रलोभन में न आएं, संदिग्ध स्थिति में तुरंत दूर जाएं पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आहोर रोड में जिला एवं सेशन न्यायाधीश बन्नालाल जाट ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी सुरक्षा के प्रति हमेशा सतर्क रहना चाहिए। अजनबी व्यक्ति के किसी प्रलोभन में नहीं आएं। संदिग्ध स्थिति में स्पष्ट मना करें, वहां से दूर जाएं और इसकी जानकारी परिजन या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को दें। उन्होंने बताया कि स्कूल, ट्यूशन सेंटर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और खेल मैदान जैसे स्थानों पर विशेष सतर्कता जरूरी है। भारतीय न्याय संहिता-2023 बच्चों को अपहरण, तस्करी और शोषण से सुरक्षा प्रदान करती है। बाल श्रम और तस्करी के बारे में भी किया जागरूक पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय धवला रोड में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजय कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को सुरक्षा संबंधी जानकारी दी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विमल व्यास ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गोडिजी में बाल श्रम, तस्करी, जबरन भीख मंगवाने और फिरौती जैसे अपराधों के प्रति जागरूक किया। अलग-अलग स्कूलों में भी लगाए जागरूकता शिविर इसी क्रम में एसीजेएम राजेंद्रसिंह चारण, दिव्या गोदारा और न्यायिक मजिस्ट्रेट रेखा चौधरी ने भी विभिन्न विद्यालयों में शिविर आयोजित किए। उन्होंने विद्यार्थियों को सतर्क और जागरूक रहने का संदेश दिया।