बांसवाड़ा के महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल में शुक्रवार-शनिवार की मध्य रात्रि में जहर खाने से हुई एक युवक की मौत के बाद आक्रोशित परिजन उसका शव लेकर अस्पताल से भागने लगे। पुलिस द्वारा रोके जाने पर परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामें की स्थिति बनने लगीं। ​पिता की मारपीट से क्षुब्ध होकर पिया था जहर ​कोतवाली थाने के कॉन्स्टेबल मुकेश ने बताया कि उमरी पाड़ा बारतलाई, थाना दानपुर निवासी (18) विशाल पुत्र बहादुर, जाति डिंडोर का अपने पिता से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। पिता द्वारा मारपीट किए जाने से क्षुब्ध होकर विशाल ने जहरीली दवाई पी ली। परिजनों द्वारा उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए एमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। शव मॉर्च्युरी में शिफ्ट करने को कहा, परिजन ले जाने लगे युवक की मौत के बाद परिजनों को शव मॉर्च्युरी में शिफ्ट करने के लिए कहा गया। लेकिन मृतक के पिता और अन्य परिजन बिना पुलिस कार्रवाई के शव को अस्पताल से लेकर जाने की कोशिश करने लगे। इस दौरान अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। कंट्रोल रूम की सूचना पर पहुंची पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और परिजनों को रोकने का प्रयास किया। सूचना पर कोतवाली थानाधिकारी नागेंद्र सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को समझाकर स्थिति संभाली। इसके बाद देर रात करीब 12:30 बजे शव को अपने कब्जे में लेकर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया।